एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार (25 मार्च) को वाहनों पर लगने वाले एंट्री टैक्स और पेट्रोल-डीजल पर प्रस्तावित सेस का मुद्दा जमकर गरमाया प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर बेवजह राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाया और पंजाब सरकार की आपत्तियों पर भी स्थिति स्पष्ट की ।
विधानसभा में बीजेपी विधायक राकेश जम्वाल, सुखराम चौधरी और कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने बाहरी राज्यों की गाड़ियों पर लगाए गए टैक्स को लेकर सवाल उठाए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना हल्ला विपक्ष कर रहा है, उतना टैक्स बढ़ाया नहीं गया है। यह टैक्स केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) गाड़ियों पर लगाया गया है।
राजस्व में भारी इजाफा हुआ- सीएम सूक्खु
सीएम ने जानकारी दी कि टोल टैक्स की नीलामी प्रक्रिया से राज्य के राजस्व में भारी इजाफा हुआ है। पहले जहां हिमाचल को 185 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं अब यह बढ़कर 228 करोड़ रुपये हो गया है।
कैबिनेट करेगी पुनर्विचार : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एंट्री और टोल टैक्स की व्यवस्था उनके कार्यकाल की नहीं, बल्कि पिछले 30 सालों से चली आ रही है। नई दरें अभी लागू नहीं हुई हैं और आगामी कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा।
पंजाब के विरोध पर सीएम सुक्खू का जवाब : गौरतलब है कि हिमाचल सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से अन्य राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया था । इस पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पंजाब विधानसभा में कड़ी आपत्ति जताते हुए हिमाचल के वाहनों पर भी इसी तरह का टैक्स लगाने की चेतावनी दी थी। इस टकराव पर सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के नेताओं से विस्तार से बातचीत हो चुकी है और मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये के ‘सेस’ पर दी सफाई : अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण के नाम पर पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये तक का सेस लगाए जाने के प्रस्ताव पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा । इस पर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि सरकार ने विधानसभा में केवल एक बिल पारित किया है, अभी 5 रुपये बढ़ाए नहीं गए हैं. यह केवल एक प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो 10 पैसे बढ़ाए, उससे ज्यादा बढ़ाए, या न भी बढ़ाए। यह पारित बिल अभी राज्यपाल की मंजूरी के लिए जाएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को ‘प्रदेश विरोधी’ करार देते हुए कहा कि फैसला लागू होने से पहले ही वे बेवजह की राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।
