एग्रीस्टैक से डिजिटल हो रही खेती, ऊना के 41 हजार से अधिक किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े

by
मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण को मिली नई गति
रोहित जसवाल।  ऊना, 10 जुलाई. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित बदलाव को नई गति मिली है। इसी कड़ी में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत ऊना जिले के 41,861 किसान डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। इस पहल से किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान मिलेगी, जिससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं तक उनकी पहुंच अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों की पहचान, भूमि का रिकॉर्ड, फसल का विवरण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के साथ किसानों तक सेवाओं को अधिक आसान, सटीक और पारदर्शी बनाना है।
41 हजार से अधिक किसानों का हुआ डिजिटल पंजीकरण
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक प्रेम सिंह ठाकुर के अनुसार, जिला ऊना में अब तक 41,861 किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टैक पोर्टल पर किया जा चुका है। प्रत्येक पंजीकृत किसान को आधार आधारित 11 अंकों की विशिष्ट किसान आईडी (यूनीक फार्मर आईडी) प्रदान की जाएगी, जो उसकी डिजिटल पहचान का आधार बनेगी। यह किसान आईडी भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, दस्तावेज़ों के सत्यापन तथा विभिन्न कृषि सेवाओं तक त्वरित पहुंच का मजबूत माध्यम बनेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से योजनाओं का लाभ होगा आसान
अब किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज़ जमा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एक बार डिजिटल रजिस्ट्री बनने के बाद किसान की भूमि, फसल और अन्य आवश्यक जानकारी सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहेगी।
इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित अनेक योजनाओं का लाभ अधिक सरलता और पारदर्शिता से किसानों तक पहुंच सकेगा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे बना रहा खेती का सटीक नक्शा
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है। अब तक 2,89,143 सर्वेक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें से 2,83,073 सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं। मोबाइल ऐप और जीपीएस तकनीक के माध्यम से खेतों की मैपिंग कर फसलों का वास्तविक विवरण दर्ज किया जा रहा है। इससे कृषि योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य की कृषि नीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
फार्मर रजिस्ट्री से बढ़ेंगी किसानों की सुविधाएं
फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए अनेक नई सुविधाओं का माध्यम बन रही है। इस व्यवस्था से किसानों को सरकारी योजनाओं में स्वतः जुड़ने की सुविधा मिलेगी। फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री की प्रक्रिया अधिक सरल होगी। साथ ही भूमि, फसल, मिट्टी और जलवायु के आधार पर वैज्ञानिक कृषि परामर्श उपलब्ध कराया जा सकेगा। सरकारी सहायता का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होगा और पात्र किसानों की पहचान भी आसान बनेगी।
लोक मित्र केंद्रों पर उपलब्ध है पंजीकरण सुविधा
उपनिदेशक ने बताया कि जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे अपने निकटतम लोक मित्र केंद्र या एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड, भूमि का कोई भी खसरा नंबर तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है।
जागरूकता अभियान से बढ़ रही किसानों की भागीदारी
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग गांव-गांव जाकर किसानों को इस डिजिटल पहल के बारे में जागरूक कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस सुविधा से जुड़ सकें और आधुनिक कृषि सेवाओं का लाभ उठा सकें।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ता ऊना
कृषि अब पारंपरिक दायरे से निकलकर तकनीक आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलें इस बदलाव की मजबूत नींव हैं। ऊना जिले के 41 हजार से अधिक किसानों का इस अभियान से जुड़ना इस बात का संकेत है कि किसान नई तकनीक को अपनाकर आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यह पहल कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधीश की किसानों से अपील
जिलाधीश जतिन लाल ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पात्र किसान तक इस अभियान की जानकारी पहुंचे और कोई भी पात्र किसान इस पहल से वंचित न रहे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

हीरो ईको टैक लिमिटेड में प्रशिक्षुओं के लिए साक्षात्कार 23 जुलाई को

ऊना: हीरो ईको टैक लिमिटेड लुधियाना पंजाब द्वारा 100 पद प्रशिक्षुओं के अधिसूचित किये गए हैं। इस बारे जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी ऊना अनीता गौतम ने बताया कि इन पदों हेतू साक्षात्कार...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अभेद्य होगा हिमाचल विधानसभा का “सुरक्षा कवच” : स्थाई DSP के साथ 15 “ट्रेंड कमांडो” होंगे तैनात : कुलदीप पठानियां

एएम नाथ। शिमला :  हिमाचल विधानसभा सचिवालय में सुरक्षा से सम्बन्धित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता हि0प्र0 विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया द्वारा की गई। सत्र के दौरान...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जागरूकता शिविर आयोजित : शिविर का मुख्य उद्देश्य योजना बारे ग्रामीण लोगों को जागरूक करके योजना से जोड़ना है – SDM विश्व मोहन देव चौहान

शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों व आंगनबाड़ी वर्करस को किया जागरूक ऊना, 20 सितम्बर – मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को कल्याण भवन में पंचायती राज संस्थाओं के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

डिपुओं में और अधिक पौष्टिक खाद्य तेल मिलेगा : विटामिन-ए और डी पौष्टिक तत्व मिलाए गए

शिमला : साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अब डिपुओं में और अधिक पौष्टिक खाद्य तेल मिलेगा। तेल को फोर्टिफाइड कर इसमें विटामिन-ए और डी पौष्टिक तत्व मिलाए गए हैं। लोगों के स्वास्थ्य को...
Translate »
error: Content is protected !!