एसडीएमएफ कार्यों की प्रगति पर उपायुक्त ने की समीक्षा

by

लंबित परियोजनाओं पर सख्त रुख, उपयोगिता प्रमाणपत्र जल्द देने के निर्देश

आपदा प्रबंधन कार्यों में आ रही चुनौतियों के समाधान पर चर्चा

एएम नाथ । चंबा :जिला मुख्यालय चंबा में राज्य आपदा प्रबंधन फंड (एसडीएमएफ) के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों को एसडीएमएफ के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों के साथ गहन चर्चा भी हुई।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों एवं परियोजनाओं से संबंधित उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) शीघ्र उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें, ताकि फंड के सही उपयोग का रिकॉर्ड समय पर प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके अलावा, उपायुक्त ने उन कार्यों पर भी कड़ा रुख अपनाया जिनमें टेंडर प्रक्रिया के दौरान शून्य भागीदारी दर्ज की गई है। उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे लंबित कार्यों को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए और संबंधित विभाग आवश्यक आगामी कार्रवाई करते हुए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करें, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक के दौरान एसडीएमएफ के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों को पूरा करने में आ रही विभिन्न कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं जैसे तकनीकी अड़चनें, संसाधनों की कमी और मौसम संबंधी बाधाओं के बारे में जानकारी दी। उपायुक्त ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण एवं राष्ट्रीय राजमार्ग चंबा जोगिंदर कुमार, सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग दीपक कुमार, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग वीरेंदर ठाकुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण सलूणी हिमांशु वर्मा, सहायक अभियंता समग्र शिक्षा (डाइट) दीपक शर्मा तथा अधीक्षक शिक्षा विभाग ललित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, जिला के विभिन्न हिस्सों से लोक निर्माण एवं जल शक्ति विभाग के कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक का मुख्य उद्देश्य एसडीएमएफ के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना रहा, ताकि भविष्य में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारी और मजबूत हो सके।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

23 साल की टीचर, 5 महीने की प्रेग्नेंट : 13 साल के लड़के को लेकर भाग गई…बोली- इसी का बच्चा पेट में पल रहा

गुजरात के सूरत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 23 साल की महिला ट्यूशन टीचर 11 साल के नाबालिग छात्र को भगा ले गई. चार दिन की तलाश के बाद पुलिस...
article-image
हिमाचल प्रदेश

टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए जिला ऊना में 8 फरवरी से सर्वेः डीसी

टीबी के सबसे कम मामलों में जिला ऊना देश भर में नौंवे पायदान पर ऊना (5 फरवरी)- केंद्र और प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी रोग मुक्त करने के लिए देश...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मंडे मीटिंग में एडीएम चंबा ने की विभिन्न विभागों से संबंधित कार्य प्रगति की समीक्षा : कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए विकास कार्यों को न्यूनतम समय अवधि में पूरा करने के दिए निर्देश

एएम नाथ। चम्बा  :   अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा ने 7 अक्टूबर को मंडे मीटिंग में विभिन्न विभागों से संबंधित कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भाजपा की संगठन पर्व बैठक हुई शिमला में -खराबी ईवीएम में नहीं, राहुल गांधी में : संजय टंडन

एएम नाथ।  शिमला : भाजपा के हिमाचल प्रदेश संगठन पर्व की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन शिमला में किया गया। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। उनके साथ भाजपा...
Translate »
error: Content is protected !!