चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने को आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने लगातार कर्ज लेकर पंजाब को गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने रंगला पंजाब के सपने को कंगाल पंजाब में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि चीमा अक्सर प्रेस कॉन्फ्रेंसों और आधिकारिक बयानों में जीएसटी, वैट और आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी का दावा करते हैं, लेकिन सरकार द्वारा बार-बार लिया जा रहा कर्ज कुछ और ही कहानी बयां करता है। ढिल्लों ने कहा कि सरकार का कर्ज लेने का रिकॉर्ड ही वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 2022-23 में आम आदमी पार्टी सरकार ने लगभग 24,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में लगभग 28 हजार करोड़ रुपये और 2024-25 में 34,201 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। वर्ष 2025-26 के दौरान जनवरी तक सरकार 20,770 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज पहले ही ले चुकी थी, जबकि पूरे वर्ष के लिए 49,900 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना बनाई गई थी। अब इसमें एक और 1,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज जोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पर कुल बकाया कर्ज वर्ष 2022 में लगभग 2.82 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर लगभग 4.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अनुमान है कि वर्ष 2026-27 तक यह बढ़कर लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ढिल्लों ने सवाल उठाया कि यदि पिछले चार वर्षों में पंजाब में लगातार राजस्व वृद्धि हुई है, तो सरकार बार-बार नया ऋण लेने के लिए बाजार का रुख क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि लगातार लिया जा रहा कर्ज राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ डाल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की कि वे पंजाब की जनता के सामने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति रखें तथा लगातार कर्ज लेने के बजाय कर्ज कम करने के लिए एक विश्वसनीय और स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करें।
