कांगड़ा कार्निवल में 2500 से अधिक महिलाओं ने झमाकड़ा से दिया एंटी-चिट्टा का सशक्त संदेश

by

कार्निवल केवल मनोरंजन नहीं समाज सुधार और जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम: हेमराज बैरवा

एएम नाथ। धर्मशाला : कांगड़ा वैली कार्निवल के दौरान नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब 2500 से अधिक महिलाओं ने कांगड़ा की पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान झमाकड़ा नृत्य के माध्यम से एंटी-चिट्टा का सशक्त सामाजिक संदेश दिया। यह कार्यक्रम एक मेगा कम्युनिटी डांस के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा कार्निवल को केवल मनोरंजन या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे समाज सुधार और जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उपायुक्त ने बताया कि कार्निवाल के दौरान पिछले छह दिनों में लगातार विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें अलग-अलग श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और नशे के विरुद्ध जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
उन्होंने कहा कि झमाकड़ा नृत्य कांगड़ा घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है और जब इसी परंपरा के माध्यम से सामाजिक संदेश दिया जाता है, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और स्थायी होता है। इस मेगा कम्युनिटी डांस ने यह स्पष्ट कर दिया कि महिला शक्ति एकजुट होकर समाज को मजबूत संदेश देने में पूरी तरह सक्षम है।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं के मन में नशा मुक्त समाज के प्रति एक साझा संकल्प विकसित हुआ है। यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का उत्सव बनकर उभरा, जिसने पूरे जिले में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागी महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

1 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रम : जल संरक्षण के प्रति जन समुदाय की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण : महेन्द्रपाल गुर्जर

रोहित जसवाल। ऊना 3 दिसम्बर , भू-जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक माह तक चलने वाला वाटरशेड महोत्सव आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तर पर यह महोत्सव...
article-image
हिमाचल प्रदेश

8 माह में HRTC की आय में 63.47 करोड़ की वृद्धि दर्ज : प्रदेश सरकार के प्रयासों से एचआरटीसी आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री

रोहित जसवाल : शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार निगम को आत्मनिर्भर एवं व्यवहार्य...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव स्मारिका में मंडी शहर के 500 वर्षों के इतिहास पर होगा विशेष फोकस

स्मारिका के प्रकाशन, कवर डिजाइन और सामग्री की गुणवत्ता पर हुआ विस्तृत मंथन एएम नाथ, मंडी, 15 जनवरी।   अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की स्मारिका उप समिति की बैठक उपमंडलाधिकारी (ना) सदर मंडी रूपिन्दर कौर की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र को 141 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी : 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र बेटियों और महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि आरंभ – मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू

पंचरुखी उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील में बदलने की घोषणा एएम नाथ / अजायब सिंह बोपाराय । जयसिंहपुर : प्रदेश की महिलाओं से विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वायदे को पूरा करते हुए राज्य...
Translate »
error: Content is protected !!