कांगड़ा में आम तो आज भी पकते हैं, लेकिन आम पापड़ बनाने की परंपरा सिमटती जा रही

by
एएम नाथ। धर्मशाला,5जुलाई :  कांगड़ा घाटी में इन दिनों देसी आमों की विभिन्न किस्में पककर तैयार हैं। बाग-बगीचों में आम की महक लोगों को बरबस ही उन दिनों की याद दिला रही है, जब बरसात की छुट्टियों के दौरान घर-घर में आम पापड़ बनाने की परंपरा हुआ करती थी। समय के साथ यह परंपरा अब धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुँचती दिखाई दे रही है।
कुछ दशक पहले तक आम का मौसम केवल फल खाने तक सीमित नहीं रहता था। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पके हुए आमों का गूदा निकालते, उसे पारंपरिक तरीके से तैयार कर धूप में सुखाते थे।May be an image of cake
कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार होने वाला आम पापड़ पूरे वर्ष बच्चों और बड़ों का पसंदीदा व्यंजन होता था। यह केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पारिवारिक सहयोग, लोक परंपरा और ग्रामीण जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा था।
बदलती जीवनशैली, संयुक्त परिवारों के टूटने, समय की कमी और बाज़ार में उपलब्ध पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के बढ़ते चलन के कारण घरों में आम पापड़ बनाने की परंपरा लगातार कम होती जा रही है।
आज बहुत कम परिवार ऐसे हैं जो इस पारंपरिक विधि को जानते हैं और इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
लोक संस्कृति से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसी पारंपरिक विधियाँ केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा हैं। यदि इन्हें नई पीढ़ी तक नहीं पहुँचाया गया, तो आने वाले वर्षों में ये केवल यादों और पुराने किस्सों तक सीमित होकर रह जाएँगी।
आम का यह मौसम हमारी पारंपरिक विरासत को संजोने का भी अवसर है। यदि परिवार एक बार फिर घर में आम पापड़ बनाने जैसी पुरानी परंपराओं को अपनाएँ, तो न केवल बच्चों को प्राकृतिक और पारंपरिक स्वाद मिलेगा, बल्कि हमारी लोक संस्कृति भी आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सकेगी।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

ऊना के डीसी-एसपी को मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिया एक माह का अल्टीमेटम : विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश

एएम नाथ/ रोहित जसवाल। धर्मशाला : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ऊना के डीसी जतिन लाल और एसपी अमित यादव को धर्मशाला बुलाकर एक माह काअल्टीमेटम देते हुए कह दया कि विभिन्न आपराधिक गतिविधियों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

दियोली कार्प फार्म की बड़ी कामयाबी, मत्स्य बीज में आत्मनिर्भरता की राह पर हिमाचल

वर्षों पुरानी ‘एयर बबल’ बीमारी पर शत-प्रतिशत काबू, अब स्थानीय स्तर पर तैयार होगा स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज बाहर से बीज मंगाने की निर्भरता घटेगी, सरकारी खर्च में भी आएगी कमी रोहित जसवाल। ...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विधायक संजय रत्न ने 190 शिकायतों और मांगों का किया समाधान : खुंडियां में आयोजित हुआ ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम दौरान

राकेश शर्मा : ज्वालामुखी/तलवाड़ा ।  विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न की अध्यक्षता में आज ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के तहत लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह खुंडियां में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सरकार गांव...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हरोली विस में हर माह आयोजित होगा हरोली मिलन कार्यक्रम : राहत पुनर्वास एवं विकास वर्तमान सरकार का मुख्य एजेंडा – डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री

ऊना स्थापना दिवस पर उप मुख्यमंत्री ने जिलावासियों को दी बधाई ऊना, 1 सितम्बर – हरोली विधानसभा क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विधानसभा क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित...
Translate »
error: Content is protected !!