गढ़शंकर। सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को चंडीगढ़ में मनाए जा रहे फतेह दिवस की तैयारी के तहत किरती किसान यूनियन गढ़शंकर ने गांव सिकंदरपुर, रसूलपुर और चहलपुर में किसान बैठकें कीं। जिसमें किसानों से 26 नवंबर को चंडीगढ़ पहुंचने की अपील की गई।
बिभिन्न बैठकों में किसानों को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य उपाध्यक्ष हरमेश सिंह ढेसी और जिला सचिव कुलविंदर सिंह चहल और कुलवंत सिंह गोलेवाल ने कहा कि भारत सरकार अप्रत्यक्ष रूप से बिजली बिल 2020 लागू करने पर तुली हुई है। जिससे सीधे तौर पर बिजली का प्रबंधन भारत सरकार के अधीन हो जाएगा और चिप मीटर लगाकर किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले भाखड़ा बांध और अब चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर पंजाब के अधिकार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होनों कहा कि बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने के बहाने केवल झूठ फैलाया जा रहा है। गन्ना मिलों को चालू नहीं किया जा रहा है और न ही गन्ने का रेट बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसानों पर लामबंद होने का बोझ है। बैठकों में संगठन के ब्लॉक नेता संदीप सिंह मिंटू सिकंदरपुर, अमरीक सिंह, गुरमुख सिंह, संतोख सिंह रसूलपुर, गुरदीप सिंह चहलपुर, तरसेम सिंह और लखवीर सिंह मौजूद थे।
