पंजाब सरकार को विशेष गिरदावरी के आपने आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाए। पक्षपातपूर्ण और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिन किसानों ने नष्ट हुई फसलों को दोबारा बोया है, उनके नुकसान की गणना जानी चाहिए। इस संबंध में ग्राम पंचायत, किसान संगठनों और लोगों की गवाही को सबूत माना जाना चाहिए । जिन किसानों की पूरी फसल स् बनाने खराब हो गई है और अगले सीजन की फसल भी प्रभावित होने कक खतरा है, उन्हें एक लाख प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की इस सीजन की फसल बर्बाद होने के कारण पैदावार नहीं होगी, उन्हें सत्तर हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की धान या कोई फसल बर्बाद हुई है, लेकिन पानी उतरने के बाद उसकी बुआई हुई है, उन्हें तीस हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु पर प्रति व्यक्ति दस लाख का मुआवजा दिया जाए तथा पशु की मौत के लिए एक लाख का मुआवजा दिया जाए।
किसान यूनियनों ने डिप्टी स्पीकर के आवास के समक्ष धरना लगा किया प्रदर्शन : नायब तहसीलदार को सौपां मांग पत्र
गढ़शंकर : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान डिप्टी स्पीकर जय किशन सिंह रौड़ी के आवास गढ़शंकर के समक्ष संयुक्त किसान मोर्चा, कुल हिंद किसान सभा, कीर्ति किसान यूनियन, जम्हूरी किसान सभा पंजाब, दोआबा किसान यूनियन ने धरना लगा कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान कामरेड दर्शन सिंह मट्टू, गुरनेक सिंह भज्जल कुल हिंद किसान सभा, हरमेश सिंह ढेसी, कुलविंदर सिंह चहल कीर्ति किसान यूनियन, कुलभूषण कुमार महिंदवानी, प्यारा सिंह डीईओ जम्हूरी किसान सभा के नेता, कश्मीर सिंह चेला दोआबा किसान यूनियन के नेताओं ने ग्यारह मांगें उठाई और मांग पत्र नायब तहसीलदार विजय कुमार के माध्यम से पंजाब सरकार और भारत सरकार को भेजा गया। उपरोक्त नेताओ ने धरने में संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे और पंजाब सरकार को दस हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज दें, बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा देते समय नियमों में ढील दी जानी चाहिए ताकि पीड़ितों को जान-माल का मुआवजा मिल सके।
दरियाओं के तटबंधों की मजबूती पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ नदियों, नहरों, नालों आदि की साफ-सफाई के लिए उचित समय पर समुचित व्यवस्था की जाये, इसके लिए बिभिन विभागों में नई भर्तियां की जाए और फंड्स मुहैया करवाए जाए। धरने दौरान हरभजन सिंह अटवाल ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर शेर जंग बहादुर सिंह, बीबी सुभाष मट्टू, तरसेम सिंह बैंस, मलकियत सिंह बाहोवाल, जोगिंदर सिंह थांदी, गोपाल सिंह थांदी, कश्मीर सिंह भज्जल, प्रेम सिंह राणा, अवतार सिंह, मास्टर सोहन सिंह, बख्शीश सिंह दयाल, जोगा सिंह मट्टू, रामजी दास चौहान, शिंगारा राम भज्जल, मक्खन सिंह लंगेरी, रामजीत सिंह सरपंच, काला चेला, मास्टर हंस राज, इकबाल सिंह जसोवाल, हरबंस सिंह रसूल पुर, हरनेक सिंह बंगा, मुहम्मद सबा, बलजीत सिंह सरपंच आदि मौजूद थे।
