कैमरे में कैद हुआ धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार हिम तेंदुआ

by
एएम नाथ। धर्मशाला 31 जुलाई : उप वन संरक्षक रेजिनाल्ड रॉयस्टन ने जानकारी देते हुए बताया है कि हिमाचल प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय हिम तेंदुए (स्नो लेपर्ड – पैंथेरा यूनसिया), जिसे ” घोस्ट आफ माउंटेनस” भी कहा जाता है, का कैमरा ट्रैप के माध्यम से फोटोग्राफिक प्रमाण दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह दुर्लभ तस्वीर 21 दिसंबर 2025 को समुद्र तल से 2,836 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित कैमरा ट्रैप में रिकॉर्ड हुई। यह धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य की जैव विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि अभयारण्य में अब तक किए गए सबसे व्यापक वन्यजीव कैमरा ट्रैप सर्वेक्षण का परिणाम है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच कुल 117 कैमरा ट्रैप लगाए गए, जिनके माध्यम से 4,238 कैमरा-ट्रैप दिवस का सर्वेक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 के शीतकाल के दौरान पर्वतीय धारों, दर्रों तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन मार्गों पर वैज्ञानिक अध्ययन एवं स्थानीय पारिस्थितिक जानकारी के आधार पर अतिरिक्त कैमरे स्थापित किए गए।
रेजिनाल्ड रॉयस्टन ने कहा कि हिम तेंदुए की उपस्थिति की पुष्टि के साथ धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य का संरक्षण महत्व और बढ़ गया है। अब यह पश्चिमी हिमालय के उन चुनिंदा संरक्षित क्षेत्रों में शामिल हो गया है जहां चार शीर्ष शिकारी प्रजातियां, हिम तेंदुआ, हिमालयी भूरा भालू, एशियाई काला भालू तथा सामान्य तेंदुआ, एक ही परिदृश्य में पाई जाती हैं। यह तथ्य अभयारण्य की पारिस्थितिक समृद्धि एवं वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से इसकी महत्ता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि शोधकर्ताओं के अनुसार कैमरे में दर्ज हिम तेंदुआ संभवतः अपने प्राकृतिक विस्तार क्षेत्र से भ्रमण अथवा विस्थापन के दौरान यहां पहुंचा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य कुगती, टुंडाह और नरगू वन्यजीव अभयारण्यों तथा लाहौल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक गलियारे के रूप में कार्य करता है। यह खोज पश्चिमी हिमालय में व्यापक क्षेत्र में विचरण करने वाली पर्वतीय वन्यजीव प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए आवासीय संपर्क बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा कि यह खोज धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य में वन्यजीवों के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण प्रस्तुत करती है।
उन्होंने कहा कि हिम तेंदुए का यह फोटोग्राफिक रिकॉर्ड धौलाधार पर्वतमाला की समृद्ध प्राकृतिक विरासत का सशक्त प्रमाण है और हिमालयी वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि साबित होगा।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

Rotary Club Hoshiarpur Mid Town

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/July 13 : Rotary Club Hoshiarpur Mid Town took another significant step in the field of social service by organizing an inspiring humanitarian effort under “Annapurna Week” as part of its “Monthly Ration...
पंजाब

पंजाब सरकार की ओर से व्यापारी वर्ग को राहत देने के लिए ओ.टी.एस. योजना लांच

होशियारपुर: पंजाब सरकार की ओर से व्यापारी वर्ग को राहत देने के लिए वन टाइम सैटेलमेंट(ओ.टी.एस) योजना पंजाब सरकार की ओर से लुधियाना में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की ओर से शुरु की...
article-image
पंजाब

गोल्डन टेंपल परिसर में हत्या, आरोपी धर्म प्रचार कमेटी मेंबर : एसजीपीसी ऑफिस में कर्मचारी की छाती कृपाण से मारी

अमृतसर :  गोल्डन टेंपल परिसर में एक कर्मचारी की कृपाण से छाती गोदकर हत्या कर दी गई। यह वारदात गोल्डन टेंपल परिसर में स्थित सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी  के ऑफिस...
article-image
पंजाब

थार में  मिला युवक का शव : सड़क किनारे घंटों खड़ी थी गाड़ी, पुलिस जांच में जुटी

अमृतसर :  अमृतसर शहर के नारायणगढ़ क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी एक थार गाड़ी से एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। काफी देर तक वाहन के एक ही स्थान...
Translate »
error: Content is protected !!