कोठी मझेड़ क्लस्टर के संबंध में फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी, किसानों को किया जा रहा गुमराह

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शिवा प्रोजेक्ट के तहत रोपित किए है मौसंबी सहित अन्य किस्मों के 14672 पौधे, सिंचाई के लिए करवाया है 8 माॅडयूलर टैंको का निर्माण
उपनिदेशक बागवानी ने क्लस्टर को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से दूर रहने का किया आहवान
एएम नाथ।  बिलासपुर 11 फरवरी: उपनिदेशक बागवानी डाॅ. जगदीश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर के विकास खंड सदर के अंतर्गत ग्राम कोठी मझेड़ में उद्यान विभाग द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित एच.पी. शिवा परियोजना के तहत वर्ष 2020 में स्थापित स्वीट ऑरेंज क्लस्टर के संबंध में सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक, असत्य एवं अप्रमाणिक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भ्रामक प्रचार करने वाले तत्व क्लस्टर के किसान नहीं हैं तथा लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जिला के सभी किसानों एवं बागवानों से आह्वान किया है कि वह इस प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें।
उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा कोठी मझेड़ में स्थापित क्लस्टर में मौसंबी, ब्लड रेड, पेरा, बेस्टिन एवं वेलेंसिया सहित स्वीट ऑरेंज की विभिन्न किस्मों के लगभग 14672 पौधे रोपित किए गए है। परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बागवानों को आवश्यक खाद एवं दवाइयां इत्यादि उपलब्ध करवाई गई है। पौधों की सिंचाई सुविधा के लिए वर्षों से बंद पड़ी कूहल का जल शक्ति विभाग द्वारा जीर्णोद्धार करवाकर एक लाख लीटर क्षमता का मुख्य डिलीवरी टैंक तथा 20 हजार लीटर क्षमता के 8 मॉड्यूलर टैंकों का निर्माण किया गया तथा टपक सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है।
डाॅ. जगदीश वर्मा ने बताया कि राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा क्लस्टर के दौरे के दौरान गंभरोला खड्ड में नई सिंचाई योजना की घोषणा के अनुसार स्कीम बनकर तैयार हो रही है तथा केवल पम्प हाउस निर्माण का कार्य ही शेष बचा है। जिसे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि क्लस्टर स्थापना से पूर्व जंगली जानवरों के आतंक के कारण क्षेत्र की भूमि बंजर पड़ी थी। बाद में कुछ किसानों द्वारा कूहल के पानी का उपयोग अन्य फसलों, विशेषकर लहसुन की खेती में करने के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसी व्यक्ति द्वारा क्लस्टर के कारण आत्महत्या किए जाने की बात पूर्णतः असत्य है। संबंधित घटना दो वर्ष पूर्व की है जब क्लस्ट में फल लगना शुरु हुए थे तथा व्यक्ति की आत्महत्या का अन्य घरेलू कारण था, जिसकी पुष्टि मृतक व्यक्ति की पत्नी से की जा सकती है।
उन्होंने स्वीट ऑरेंज की किस्म को लेकर बताया कि कोठी मझेड़ क्लस्टर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर करोट क्लस्टर में भी यही किस्में बागवानों को उपलब्ध करवाई गई है तथा इस वर्ष लगभग 40 मीट्रिक टन स्वीट ऑरेंज फल पंचकूला सहित विभिन्न मंडियों में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि यह फल खुदरा बाजार में 26 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिका तथा परिवहन व्यय व्यापारी द्वारा वहन किया गया है। उन्होंने बताया कि व्यापारी ने आश्वासन दिया है कि आगामी वर्ष घुमारवीं में ही फल संग्रहण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने सभी किसानों व बागवानों से अपील की है कि वह भ्रामक एवं तथ्यहीन अफवाहों से दूर रहें तथा किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए विभाग से ही संपर्क करें।
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