खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 7583 पंजीकृत, 683 लाइसेंस जारी: डीसी

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फूड स्क्यिोरिटी एक्ट संचालन समिति की तीसरी बैठक आयोजित
ऊना, 20 फरवरी: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय संचालन समिति की तृतीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने की।
डीसी ने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य खाद्य वस्तुओं के उत्पाद, भंडारण, वितरण तथा बिक्री के संबंध में सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप लोगों को सुरक्षित खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ढाबा व रेस्तरां संचालकों को अपना पंजीकरण करवा कर लाइसेंस लेना जरूरी होता है जिसके तहत जिला में अब 7583 इकाइयों का पंजीकरण करके 683 लाइसेंस जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा अलग-अलग संस्थानों से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 121 नमूनों को कंडाघाट स्थित खाद्य विश्लेषक को भेजे गये जिनमें से 23 नमूने मिसब्रांडिड, 6 घटिया, 2 असुरक्षित पाये गये जबकि 90 नमूने अधिनियम के तहत निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप पाये गये। इसके अलावा एडीएम कोर्ड में दायर 5 मामलों में 4 गल्त तथा एक घटिया खाद्यान्न का पाया गया तथा इसमें तीन मामलों में 53000 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई है।
मिड डे मील वर्कर व लंगर संचालकों को दिया जाए खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण
उपायुक्त ने निर्देश दिये कि स्कूल में मिड डे मील के तहत परोसा जाने वाला भोजन भी इस अधिनियम के अन्तर्गत है तथा स्कूलों का भी पंजीकरण किया जाए जिसके लिए शिक्षा विभाग व आईसीडीएम अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन भी शुरू किया गया है। जिसके तहत 83 बैचों में 3073 खाद्य संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद, लंगर, मिड-डे मील वर्कर इत्यादि को भी खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए।
रेहड़ी पर फास्ट फूड विक्रेताओं के लिए अलग स्थान चिन्हित करने के निर्देश
राघव शर्मा ने शहरी निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह अपने क्षेत्र में स्वच्छ स्ट्रीट फूड हब विकसित करने के लिए भूमि का चयन किया जाए, जहां 50 या उससे अधिक विक्रेताओं, दुकानों व स्टॉलों को क्लस्टर के रूप में स्थापित किया जा सके और अधिनियम की बुनियादी हिदायतों स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य इत्यादि को सुनिश्चित बनाया जा सके।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान ने इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल वैन के माध्यम से मौके पर ही दूध, खाद्य तेल, जूस, साॅस, पानी इत्यादि खाद्य पदार्थों में मिलावट देखने के लिए नमूनों की जांच की जा जाती है। जिसके तहत जिला ऊना में 106 नमूनों की जांच की गई है।
इस अवसर पर एडीसी डॉ. अमित कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप, सीएमओ डॉ. रमन शर्मा, जिला की सभी नगर परिषद् व नगर पंचायत के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारीगण माजूद रहे।
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