नवनिर्वाचित प्रधानों और उप-प्रधानों के चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
एएम नाथ। सोलन, 7 सितंबर। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशु सिंगल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में विकास खंड नालागढ़ की 25 पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों एवं उप-प्रधानों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों, पंचायत की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई
दिव्यांशु सिंगल ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। गांवों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय और सामूहिक सहभागिता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति दें। साथ ही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जवाबदेही, पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत करने में पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
लोगों के कार्यों को दें प्राथमिकता
अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि आम लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायत स्तर पर पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र सहित जनहित से जुड़े विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों एवं अधिकारों का प्रभावी उपयोग करते हुए स्थानीय स्तर पर लोगों के आपसी मतभेदों एवं विवादों के समाधान का प्रयास करना चाहिए। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा गांवों में आपसी सौहार्द भी मजबूत होगा।
पंचायती राज अधिनियम और वित्तीय प्रक्रियाओं की दी जानकारी
चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जा रही है।
प्रशिक्षण में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1997 तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम, 2002 के अलावा पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिन्द्र राणा, पंचायत निरीक्षक नितेश भाटिया, सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल तथा रमेश शर्मा ने भी पंचायती राज व्यवस्था एवं पंचायतों के कार्यों से संबंधित विभिन्न विषयों पर पंचायत प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन किया।
