पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 11 जून । चंडीगढ़ प्रशासन एवं विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबित मांगों और बढ़ती छंटनी के खिलाफ कर्मचारियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज क्लास फोर एम्प्लॉइज यूनियन, एजुकेशन डिपार्टमेंट, यू.टी. चंडीगढ़ (रजि. नं. 638) की मुख्य कार्यकारिणी की बैठक यूनियन के प्रधान अन्नु कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान अन्नु कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में कार्यरत मिड डे मील कर्मचारियों की वेतन वृद्धि लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की कि इस मामले का तुरंत स्थायी समाधान किया जाए।
बैठक में चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत क्लास फोर कर्मचारियों को रिलीव किए जाने के मामलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। यूनियन ने मांग की कि कर्मचारियों को रिलीव करने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए तथा प्रभावित कर्मचारियों को पुनः ड्यूटी पर बहाल किया जाए, क्योंकि इन कर्मचारियों की नौकरी ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है।
इस बीच, रोड वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर सेक्टर-38 स्थित कार्यालय में दूसरे दिन भी रोड वर्करों की गेट मीटिंग आयोजित की गई। कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए नौकरी से निकाले गए 44 रोड वर्करों को तुरंत काम पर वापस लेने की मांग उठाई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह और महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि यदि निकाले गए कर्मचारियों को शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग और प्रशासन की होगी।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 16 जून 2026 को कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एम.सी. एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स, यू.टी. चंडीगढ़ के बैनर तले आयोजित होने वाली महा रैली को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में रैली में भाग लेकर कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों और छंटनी के मामलों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संयुक्त रूप से बड़ा संघर्ष छेड़ा जाएगा।
