एएम नाथ। चम्बा : विधायक डा. जनक राज ने रविवार को दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत महिलाओं का समूह जो चम्बा थाल हस्तशिल्प कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, उनसे अनौपचारिक भेंट की।

उन्होंने कहा कि चम्बा थाल हमारे चम्बा ज़िले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मैं केंद्र सरकार और ज़िला प्रशासन चम्बा का आभार व्यक्त करता हूँ कि आपके प्रयासों से हमारी धरोहर को संरक्षित किया जा रहा है। डा. जनक राज ने कहा कि चंबा थाल हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की एक पारंपरिक धातु शिल्प कला है, जिसमें पीतल की तस्तरी पर देवी-देवताओं या अन्य आकृतियों को उकेरा जाता है। यह 10वीं शताब्दी में राजा साहिल वर्मन के शासनकाल के दौरान शुरू हुई थी और कश्मीरी कारीगरों द्वारा लाई गई थी। इस थाल का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों, सजावट और उपहार के रूप में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पीतल की शीट को काटकर उस पर उकेरी जाने वाली आकृति को कागज पर चिपकाया जाता है। फिर छेनी और हथौड़े से आकृति को थाल पर उकेरा जाता है। इसके बाद, थाल को हल्का-हल्का पीटकर आकृति को उभारा जाता है और अंत में चमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि चंबा थाल चंबा की सभ्यता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे राष्ट्रीय पहचान भी मिली है। इसकी देश और विदेश में काफी मांग है और इसे बनाने वाले कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी मिले हैं।
