चुराह जैसे दुर्गम क्षेत्र को सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता : डॉ. हंस राज

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विधानसभा में गूंजा चुराह के डिनोटिफाइड संस्थानों का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने चुराह का दौरा कर स्थिति का आकलन करने का दिया आश्वासन

एएम नाथ। शिमला : चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंस राज ने विधानसभा में क्षेत्र के डिनोटिफाई किए गए महत्वपूर्ण संस्थानों का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि चुराह जैसे अति दुर्गम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने सरकार से क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बंद किए गए महत्वपूर्ण संस्थानों को दोबारा शुरू करने पर संवेदनशीलता से विचार करने का आग्रह किया।
डॉ. हंस राज ने सदन में कहा कि चुराह की भौगोलिक परिस्थितियां प्रदेश के अन्य जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से काफी अलग हैं। क्षेत्र के लोगों को आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए एक-एक खंभे, एक-एक तार और एक-एक मीटर के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र की आवश्यकताओं को सामान्य मैदानी क्षेत्रों के समान नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने कहा कि चुराह में बिजली बोर्ड का डिवीजन, बैरागढ़ और कोहाल की महत्वपूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा मशरूंड का डिग्री कॉलेज केवल संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की आवश्यक जरूरतें हैं। इन संस्थानों के बंद होने से दूरदराज के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि चुराह की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की जरूरतों को देखते हुए इन संस्थानों को पुनः शुरू करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि विकास की योजना बनाते समय चुराह जैसे दुर्गम क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में आश्वासन दिया कि वह स्वयं चुराह का दौरा कर वहां की परिस्थितियों का आकलन करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जरूरत के अनुसार चिकित्सकों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए स्मार्ट मीटरिंग और फीडर मीटरिंग जैसी नई तकनीकों पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही।
डॉ. हंस राज ने कहा कि चुराह की भौगोलिक कठिनाइयों को समझकर ही क्षेत्र के विकास और सुविधाओं की सही तस्वीर तैयार की जा सकती है।

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