अमेरिका से लौटकर राजनीति में उतरने की घोषणा, पार्टी के नाम पर सस्पेंस बरकरार; 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी
गुरदासपुर। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले डेरा बाबा नानक हलके की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की पत्नी अमनदीप कौर ने अमेरिका से लौटने के बाद विधानसभा हलका डेरा बाबा नानक से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगी।
डेरा बाबा नानक हलके के गांव सर्फकोट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमनदीप कौर की इस घोषणा ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। कुछ दिन पहले ही अमेरिका से लौटी अमनदीप कौर ने कहा कि वह अब स्थायी रूप से अपने क्षेत्र में रहकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
डेंटिस्ट की पढ़ाई छोड़ लौटीं, बताया खुद को हलके की बेटी-बहू
अमनदीप कौर ने कहा कि वह डेरा बाबा नानक हलके की बेटी और बहू हैं। ऐसे में अपने क्षेत्र और परिवार के लोगों की सेवा करना उनका पहला कर्तव्य है। उन्होंने दावा किया कि वह अब यहीं रहकर जनसेवा करेंगी और लोगों की समस्याओं को हल करवाने के लिए काम करेंगी।
अपने राजनीतिक सफर को लेकर उन्होंने कहा कि उनका परिवार पहले से राजनीति में नहीं रहा है। वह लोगों के प्यार और समर्थन के चलते राजनीति में उतर रही हैं। उनके अनुसार, पहले भी उनकी टीम लोगों की सेवा कर रही थी, लेकिन कुछ समस्याओं का समाधान करवाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राजनीतिक क्षेत्र में आना जरूरी लगा।
पति पर गैंगस्टर के ठप्पे को लेकर दिया जवाब
पति जग्गू भगवानपुरिया पर लगे गैंगस्टर के टैग से जुड़े सवाल पर अमनदीप कौर ने कहा कि उनके पति का नाम जगदीप सिंह अठवाल है और उन्हें भी एक आम इंसान के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से गैंगस्टर नहीं होता और किसी व्यक्ति को केवल एक टैग से नहीं पहचाना जाना चाहिए।
स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी का उठाया मुद्दा
अमनदीप कौर ने डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विकास और बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। लोगों को इलाज के लिए अमृतसर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जरूरत पर जोर दिया।
रोजगार से नशे की समस्या दूर करने पर दिया जोर
नशे की समस्या को लेकर पूछे गए सवाल पर अमनदीप कौर ने कहा कि केवल नशे के खिलाफ नारे लगाने से इसका समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, बेरोजगारी नशे की समस्या की प्रमुख वजहों में से एक है। यदि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें, तो उन्हें नशे से दूर रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि उनसे पहले जगदीप की मौसी राजविंदर कौर के नेतृत्व में उनकी टीम क्षेत्र में काम कर रही थी। अब लोगों की इच्छा के अनुसार उन्होंने खुद राजनीति में उतरने का फैसला किया है।
अमनदीप कौर ने भरोसा जताया कि क्षेत्र के लोग 2027 के विधानसभा चुनाव में उनका समर्थन करेंगे। हालांकि, उनकी राजनीतिक पार्टी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह किस राजनीतिक मंच से चुनावी मैदान में उतरती हैं और क्षेत्र की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।
