रोहित जसवाल। शिमला। जल शक्ति विभाग में कार्यरत 393 आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों को प्रदेश सरकार ने एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया है। इन कर्मचारियों की सेवाएं 1 अक्तूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक बढ़ाई गई हैं। वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति के बाद जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त सचिव की ओर से इंजीनियर-इन-चीफ के माध्यम से इसकी औपचारिक मंजूरी जारी की गई है।
सेवा विस्तार पाने वालों में नाइलिट शिमला के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर तैनात 122 तकनीकी सहायता कर्मी सह कंप्यूटर ऑपरेटर, दो तकनीकी सहायता कर्मी सह डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा जल जीवन मिशन के 268 डाटा एंट्री ऑपरेटर और अकाउंटेंट शामिल हैं।
डाटा प्रबंधन से लेकर बिलिंग और मॉनिटरिंग तक जिम्मेदारी
ये कर्मचारी जल शक्ति विभाग में डाटा प्रबंधन, बिलिंग, मॉनिटरिंग और तकनीकी सहायता सहित जल जीवन मिशन से जुड़े विभिन्न कार्यों को संभाल रहे हैं। सेवा विस्तार से विभाग की तकनीकी गतिविधियों और जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों की कमी के कारण काम प्रभावित होने की आशंका कम होगी।
यह निर्णय वित्त विभाग के व्यय नियंत्रण-2 की 25 सितंबर 2026 की पूर्व स्वीकृति के बाद लिया गया है। सेवा विस्तार हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम, 2009 के प्रावधानों के तहत रहेगा।
उपलब्ध बजट से ही करना होगा खर्च
विभाग को संबंधित बजट मद में धन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इस मद के लिए सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग नहीं की जा सकेगी। केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े आउटसोर्स कर्मियों का खर्च भी विभाग को उपलब्ध बजटीय प्रावधानों से ही वहन करना होगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने जनहित की योजनाओं पर जोर दिया
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के साथ जनहित से जुड़ी योजनाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जलापूर्ति तथा जल शक्ति विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
