पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेजी शिकायत
एएम नाथ। शिमला : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक, सोलन के प्रबंधन एवं शाखा प्रबंधक जगदीप शर्मा के विरुद्ध बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी को विस्तृत शिकायत भेजकर स्वतंत्र एवं समयबद्ध सतर्कता जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैंक प्रबंधन को विभिन्न ऋण मामलों से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी होने के बावजूद सुबाथू शाखा प्रबंधक जगदीप शर्मा के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न ऋण नियमों, बैंक दिशानिर्देशों तथा RBI, NABARD एवं अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कई ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए गए, जिनमें से अनेक खाते बाद में एनपीए तथा कुछ कथित रूप से धोखाधड़ी के मामलों में परिवर्तित हो गए।
शिकायत में विशेष रूप से मन्नत सेल्फ हेल्प ग्रुप, कोटला नाला के वर्ष 2015 के लगभग ₹1.50 लाख के ऋण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना तथा बैंक नियमों का पालन किए बिना ऋण स्वीकृत किया गया। अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित ऋण फाइलों में रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ एवं उन्हें दबाने का प्रयास किया गया।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जगदीप शर्मा द्वारा विभिन्न शाखाओं में अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए, जिनमें से बहुत से खाते एनपीए हो गए। साथ ही बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाया गया है कि शिकायतें मिलने के बावजूद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्य सतर्कता अधिकारी से शिकायत में मांग की गई है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, जगदीप शर्मा द्वारा विभिन्न शाखाओं में स्वीकृत सभी ऋण खातों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए, मूल अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए तथा यदि जांच में कोई वित्तीय अनियमितता, नियमों का उल्लंघन, पद के दुरुपयोग या रिकॉर्ड दबाने के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय, दीवानी अथवा आपराधिक कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
