ट्रंप का दोस्‍ती वाला फैसला! भारत को अमेरिका लौटाएगा 40 हजार करोड़ रुपये : ट्रेड डील पूरी होने से पहले दिया तोहफा

by

नई दिल्‍ली. कुछ महीने पहले तक भारत पर नाराज दिख रहे अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का रुख पूरी तरह बदल चुका है. पहले तो उन्‍होंने रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाए गए 25 फीसदी पेनाल्‍टी को खत्‍म किया और अब इस पेनाल्‍टी के रूप में वसूले गए टैरिफ के पैसों को भी वापस करने की बात हो रही है।

अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय निर्यातकों की बहुत बड़ी जीत मानी जाएगी. उन्‍हें अमेरिका से करीब 40 हजार करोड़ रुपये रिफंड के तौर पर मिलेंगे।

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल 27 अगस्‍त को भारत पर 25 फीसदी की पेनाल्‍टी लगाई थी. उनका कहना था क‍ि भारत रूस से कच्‍चा तेल खरीदता है, जिन पैसों का इस्‍तेमाल रूस अपने युद्ध में कर रहा है. लिहाजा भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले सामानों पर 25 फीसदी का पेनाल्‍टी टैरिफ लगाया जाएगा. हालांकि, पिछले दिनों हुई ट्रेड डील की सहमति के बाद अमेरिका इस बात के लिए राजी हो गया है कि भारत पर लगाए 25 फीसदी टैरिफ पेनाल्‍टी को खत्‍म कर दिया जाए. अब नया फैसला यह है कि पहले इस पेनाल्‍टी के तहत वसूली गई रकम को भी वापस कर दिया जाएगा।

कब से कब तक का मिलेगा रिफंड
ट्रंप प्रशासन ने 27 अगस्‍त, 2025 से फरवरी 2026 तक पेनाल्‍टी के रूप में वसूले गए टैरिफ के पैसों को वापस करने का आदेश दिया है. व्‍हाइट हाउस ने कहा है कि इस दौरान जो भी आयात किया और उस पर भारतीय निर्यातकों को जो भी टैरिफ देना पड़ा है, उस रकम को लौटाया जाएगा. माना जा रहा है कि यह रकम करीब 40 हजार करोड़ रुपये हो सकती है. ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला ऐसे समय में दिया है, जबकि दोनों देश अपनी साझेदारी को मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं।

क्‍यों वापस की जा रही रकम
अमेरिका की ओर से यह रिफंड कस्‍टम्‍स एंड बॉर्डर प्रोटेक्‍शन एक्‍ट के तहत किया जा रहा है. अभी तक यह साफ तो नहीं है कि भारतीय निर्यातकों को कितना पैसा दिया जाएगा. ऐसा इसलिए, क्‍योंकि पहले यह रकम अमेरिकी आयातकों को लौटाई जाएगी. वास्‍तव में टैरिफ का भुगतान को अमेरिकी आयातकों ने ही किया था और उसका बोझ भारतीय निर्यातकों पर डाल दिया. लिहाजा अमेरिकी प्रशासन से पैसे मिलने के बाद आयात भारतीय निर्यातकों से बातचीत करेंगे कि उन्‍हें कितना हिस्‍सा वापस मिलना चाहिए।

कितना पैसा मिलेगा वापस
वैसे तो इसका सटीक आंकड़ा नहीं है, क्‍योंकि टैरिफ की रकम अमेरिकी आयातकों ने चुकाई थी और उसका बोझ भारतीय निर्यातकों पर डाला था. लेकिन, अनुमान है कि भारतीय कारोबारियों को इस रिफंड से करीब 40 हजार करोड़ रुपये वापस मिल सकते हैं. अमेरिका ने आयात शुल्‍क के रूप में साल 2024 में 79 अरब डॉलर वसूले थे, जबकि टैरिफ लगाने के बाद 2025 में यह आंकड़ा 194 अरब डॉलर पहुंच गया था. जैसा कि आप जानते हैं कि अमेरिका के कुल आयात में भारत की हिस्‍सेदारी 3.5 फीसदी है तो टैरिफ के रूप में करीब 40 हजार करोड़ रुपये वसूले गए हैं और यही रकम व्‍हाइट हाउस वापस कर सकता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

चुराह विधानसभा क्षेत्र में 83 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर : विक्रमादित्य सिंह 

लोक निर्माण व शहरी विकास मंत्री ने किया चंडी-बडोह वाया भटोली सड़क कार्य का लोकार्पण : लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन मंडल भवन व कियानी- राजनगर-चकलू-कोटी सड़क का किया निरीक्षण एएम नाथ। चम्बा : ...
article-image
हिमाचल प्रदेश

किसानों और कृषि विशेषज्ञयों के बीच की दूरी को कम करने की है आवश्यकता- राजेश धमार्णी

एएम नाथ। बिलासपुर 17 अगस्त – कृषि क्षेत्र में समय समय पर आने वाली नई तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के भराड़ी में किसान मेंले...
article-image
पंजाब

ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जुड़ेंगी शिमला जिला की सभी 412 ग्राम पंचायतें

एएम नाथ। शिमला : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी संशोधित भारतनेट  परियोजना के तहत शिमला जिला के सभी 12 विकास खंडों की 412 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) आधारित हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से...
article-image
पंजाब

अध्यापकों की बदलियों की प्रक्रिया को बिना देरी मुकम्मल करने की मांग

गढ़शंकर : पंजाब की मौजूदा आप सरकार द्वारा पिछली सरकार के बनाए मुलाजिम विरोधी सेवा नियमों को ही बरकरार रखते हुए वर्ष 2018 के बाद सीधी भर्ती तथा पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा की...
Translate »
error: Content is protected !!