28 अक्टूबर को नई दिल्ली में सम्मानित होगा हिमाचल प्रदेश, मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को सराहा
एएम नाथ। शिमला, 18 अक्टूबर। तंबाकू के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत प्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के लिए हिमाचल प्रदेश को 28 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सराहना करते हुए इसका श्रेय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों तथा समर्पित कार्यप्रणाली को दिया। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग की ओर से किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना अभियान का मुख्य उद्देश्य
तंबाकू मुक्त युवा अभियान की शुरुआत वर्ष 2023 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर की गई थी। वर्तमान में इसका तीसरा चरण 60 दिनों के विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में तंबाकू के सेवन को रोकना, इसके हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को आवश्यक सहयोग एवं प्रोत्साहन उपलब्ध करवाना है।
अभियान के तहत छह प्रमुख रणनीतियों के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें जन-जागरूकता, शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त परिसर के मानकों का पालन, कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, तंबाकू मुक्त गांवों को प्रोत्साहन, सोशल मीडिया के माध्यम से जनभागीदारी और संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों की क्षमता बढ़ाना शामिल है।
तंबाकू नियंत्रण कानूनों के पालन पर विशेष जोर
अभियान के दौरान हिमाचल प्रदेश में तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए गए। इसके अलावा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी ध्यान दिया गया।
प्रदेश में तंबाकू मुक्त गांवों की दिशा में किए गए प्रयासों और सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता गतिविधियों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया। अभियान से जुड़े अधिकारियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित करने तथा उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
छह मानकों के आधार पर हुआ मूल्यांकन
अभियान के तहत राज्यों के प्रदर्शन का आकलन निर्धारित छह प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त औसत प्रतिशत के आधार पर किया गया। विशेषज्ञ समिति ने विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन और उपलब्धियों की समीक्षा के बाद हिमाचल प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया।
राज्यों के बीच निष्पक्ष तुलना सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल, 2026 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की बैठक में नीति आयोग के वर्गीकरण के अनुरूप राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन श्रेणियों में बांटने का निर्णय लिया गया। इनमें बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक श्रेणी में राज्यों के प्रदर्शन का उचित और प्रभावी मूल्यांकन करना है।
हिमाचल प्रदेश को मिली यह उपलब्धि तंबाकू नियंत्रण और युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
