देहुरी गांव की प्रांजली और पारुल ने मेहनत के दम पर प्रतिष्ठित संस्थानों में बनाई जगह।
एक का नौणी विश्वविद्यालय तो दूसरी का एनआईटी हमीरपुर में चयन।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर बेटियों ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, क्षेत्र में खुशी का माहौल।
तीर्थन घाटी गुशैणी/बंजार(परस राम भारती):- जिला कुल्लू उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में ग्राम पंचायत कलवारी के देहुरी गांव की दो बेटियों प्रांजली शर्मा और पारुल शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हासिल कर पूरे तीर्थन घाटी और बंजार क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ गांव और क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर हासिल की गई यह सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक बनी है।
साया शर्मा और ज्योति शर्मा की बेटी प्रांजली शर्मा का चयन डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय उद्यानिकी एवं वानिकी, नौणी, सोलन में बैचलर ऑफ हॉर्टिकल्चर (उद्यानिकी में स्नातक) पाठ्यक्रम के शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हुआ है। वहीं उनकी दूसरी बेटी पारुल शर्मा का चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) हमीरपुर में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (वास्तुकला में स्नातक) पाठ्यक्रम के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए हुआ है।
बंजार में ही पूरी की स्कूली शिक्षा.
प्रांजली और पारुल दोनों ने अपनी प्रारंभिक से लेकर दसवीं कक्षा तक की शिक्षा मिनर्वा पब्लिक स्कूल, बंजार से प्राप्त की। इसके बाद दोनों बहनों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बंजार से नॉन-मेडिकल विषय के साथ बारहवीं की शिक्षा पूरी की। इसके बाद अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर दोनों ने हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हासिल किया।
प्रांजली को पढ़ाई के साथ गिटार बजाने, वीडियो एडिटिंग, ट्रैकिंग और हाइकिंग का शौक है। वहीं पारुल की रुचि ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोग्राफी में है। पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक रुचियों को आगे बढ़ाने वाली दोनों बहनों की यह उपलब्धि उनकी बहुमुखी प्रतिभा को भी दर्शाती है।
माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय.
अपनी इस सफलता पर प्रांजली और पारुल ने इसका श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। दोनों बहनों का कहना है कि माता-पिता के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी पूरी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करते हुए अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी।
होटल व्यवसाय के साथ हास्य कलाकार और ब्लॉगर हैं पिता.
प्रांजली और पारुल के पिता साया शर्मा तीर्थन घाटी में होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। सफल होटल व्यवसायी होने के साथ-साथ वे हास्य कलाकार और ब्लॉगर के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। वे हास्य और ब्लॉगिंग के माध्यम से क्षेत्र के जीवन, संस्कृति और स्थानीय गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं। उनकी पत्नी ज्योति शर्मा गृहिणी हैं और उन्होंने परिवार को संभालने के साथ बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साया शर्मा और ज्योति शर्मा ने अपनी दोनों बेटियों की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि बेटियों ने अपनी मेहनत से परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों बेटियां भविष्य में भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ेंगी।
ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा.
प्रांजली और पारुल की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों बहनों ने अपनी स्कूली शिक्षा बंजार में रहते हुए पूरी की और इसके बाद प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हासिल किया। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के लिए शहरों में रहना ही जरूरी नहीं है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का जज्बा हो तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
दोनों बेटियों की इस उपलब्धि पर देहुरी गांव, ग्राम पंचायत कलवारी, तीर्थन घाटी और बंजार क्षेत्र के लोगों ने साया शर्मा और ज्योति शर्मा सहित दोनों बेटियों को बधाई दी है। क्षेत्रवासियों ने प्रांजली और पारुल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों बहनें अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भविष्य में भी तीर्थन घाटी और बंजार का नाम प्रदेश और देश में रोशन करेंगी।
