तेजी से घट रहे घटनाक्रम में अब नया ट्विस्ट : लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा – भाजपा के 15 विधायक सदन से निष्काषित

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अजायब सिंह बोपाराय , एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजीनीतिक हलकों में तेजी से घट रहे घटनाक्रम में अब नया ट्विस्ट आ गया है। कल तक बागियों से दुरी बनाए रखने वाले लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया हैं और विधानसभा में भाजपा के 15 विधायक सदन से निष्काषित कर दिए कर दिए गए है। कांग्रेस सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद कल राज्यसभा की सीट भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के जीतने के बाद सुक्खू सरकार संकट गहरा गया है। 26 फरबरी को सतलुज ब्यास टाइम्स ने स्पष्ट था कि हिमाचल कांग्रेस में बड़ा खेला होने वाला है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे हल्के में लिया। जिसके चलते कल कांग्रेस में खेला हो गया और कांग्रेस सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद राज्यसभा की सीट भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के जीतने के बाद सुक्खू सरकार संकट गहरा चुका है।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि उनके साथ धक्कामुक्की की : संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सदन को इन हालात में चलाया जाना संभव नहीं है। हर्षवर्धन चौहान ने सदन से कहा कि उनके साथ धक्कामुक्की की गई। शोर-शराबे और हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 12: 00 बजे तक स्थगित कर दी गई है। कांग्रेस के विधायक भी सदन से बाहर चले गए हैं। लेकिन भाजपा के विधायक अभी भी सदन के भीतर नारेबाजी कर रहे हैं।

15 विधायक सदन से निष्कासित : प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार, हंसराज, रणधीर शर्मा, विनोद कुमार समेत 15 विधायक सदन से निष्कासित किए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने निष्कासित किए सदस्यों को बाहर जाने के आदेश दिए। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के मार्शल से धक्कामुक्की के मामले में यह कार्रवाई की गई है। सदन में अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। स्पीकर के मार्शल से धक्कामुक्की करने का मामला। अध्यक्ष ने कहा कि अगर निष्कासित सदस्य बाहर नहीं जाएंगे तो इन्हें मार्शल इन्हें बलपूर्वक निकालेंगे। इसके बाद सदस्य बेल में चले गए लेकिन नारेबाजी करते रहे।
विक्रमादित्य सिंह भावुक होकर रोने लगे : विक्रमादित्य सिंह पत्रकार वार्ता में भावुक होकर रोने लगेऔर कहा वीरभद्र छह बार सीएम रहे, लेकिन 12 महीने बाद भी रिज पर उनकी प्रतिमा के लिए जगह नहीं मिली। मैं इससे आहत हूं। अब जनता से चर्चा के बाद फैसला लूंगा। राज्यपाल को इस्तीफा देने जा रहे हैं। इस मौजूदा सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्हें कई बार मुझे नीचा दिखाने की कोशिश की गई।

 

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