दीवान ने डीजीपी को लिखी चिट्ठी; अपराध में बढ़ोतरी के मद्देनज़र राज्यभर के हथियार लाइसेंसों की समीक्षा की मांग

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लुधियाना, 14 जनवरी: वरिष्ठ कांग्रेस नेता, लुधियाना कांग्रेस शहरी के पूर्व ज़िला अध्यक्ष और पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव से आग्रह किया है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जारी किए गए सभी हथियार लाइसेंसों की विस्तृत समीक्षा करवाई जाए।

इस संबंध में डीजीपी को भेजे गए पत्र में, जिसकी कॉपी मीडिया को भी जारी की गई, दीवान ने बढ़ते हुए अपराध और आम नागरिकों में फैल रहे भय के माहौल पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ज़ोर देते हुए, कहा कि यह समीक्षा तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और ज़िला पुलिस अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।

पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, दीवान ने कहा कि बीते कुछ महीनों में अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हिंसक घटनाओं और गैरकानूनी गतिविधियों में बढ़ोतरी ने जनता का भरोसा डगमगा दिया है और शांति बहाल करने के लिए तत्काल तथा ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

दीवान ने स्पष्ट किया कि हालांकि हथियार लाइसेंस वैध और उचित उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है कि यह सुविधा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों तक न पहुंचे। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड की गहन जांच से ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जिनमें लाइसेंस धारक बाद में आपराधिक मामलों में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हों। जहां भी ऐसे मामले पाए जाएं, वहां बिना किसी देरी के संबंधित लाइसेंस रद्द करने की तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

डीजीपी को लिखे पत्र में दीवान ने यह भी कहा कि आपराधिक मामलों से जुड़े व्यक्तियों को हथियार लाइसेंस रखने की अनुमति देना जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इससे कानून लागू करने वाली व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी आंच आती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लाइसेंसों की रद्दीकरण से यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि राज्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और हथियारों के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दीवान ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इस संबंध में समय-समय पर रिपोर्टें तैयार कर प्रभावी निगरानी के लिए डीजीपी कार्यालय को भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पुलिस के प्रति जनता का भरोसा मजबूत करेगा, बल्कि लाइसेंसशुदा हथियारों के दुरुपयोग के खिलाफ एक प्रभावी निवारक भी साबित होगा। हथियार लाइसेंसों की त्वरित और सख्त समीक्षा अपराध पर अंकुश लगाने और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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