टूटी सड़कों से लेकर पानी की समस्या तक, दीवान ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर साधा निशाना
लुधियाना, 31 जुलाई: जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना (शहरी) के पूर्व अध्यक्ष एवं पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने लुधियाना नगर निगम से पिछले पांच वर्षों के दौरान विभिन्न शाखाओं और उनकी कार्यप्रणाली से संबंधित एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करने की मांग की है। उन्होंने शहर की नागरिक सुविधाओं की बदहाली के लिए नगर निगम को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुए, कहा कि हर वर्ष लोगों से विभिन्न प्रकार के टेक्स वसूलने तथा अन्य स्रोतों से पर्याप्त धनराशि मिलने के बावजूद निगम हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है।
दीवान ने कहा कि बीते दिन हुई बारिश के बाद शहर में पैदा हुए हालातों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। इससे न केवल अधिकारियों की जवाबदेही, बल्कि विकास कार्यों पर खर्च किए गए पैसों के उपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कें, बदहाल सफाई व्यवस्था, अनियमित पेयजल सप्लाई, जर्जर हो चुका बुनियादी ढांचा यह साबित करता है कि शहर की लगभग हर मूलभूत सुविधा चरमराई हुई है और लोग रोजमर्रा की परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक औद्योगिक शहर की यह स्थिति है, तो जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि विकास के लिए मिलने वाला धन आखिर खर्च कहां हो रहा है।
यहां जारी एक बयान में, दीवान ने विकास कार्यों के लिए आबंटित धन के बिना रुके उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त कि है और कहा है कि ऐसी वित्तीय अनियमितताएं जनकल्याण की नींव को कमजोर कर रही हैं व वास्तविक विकास में बाधा बन रही हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि थोड़ी सी बारिश भी शहर के कई इलाकों को जलमग्न करने के लिए काफी होती है और भारी जलभराव के कारण लोगों का रोजमर्रा का आना – जाना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सीवरेज का गंदा पानी लोगों के घरों में जा कर रहा है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो रहे हैं और नगर निगम की व्यवस्थाओं की पूरी तरह पोल खुल रही है।
इस अवसर पर शहर की सड़कों की दयनीय स्थिति का उल्लेख करते हुए, दीवान ने कहा कि सड़कें छह महीने भी नहीं टिकतीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या नगर निगम ने निर्धारित नियमों के अनुसार कभी किसी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की है? उन्होंने कहा कि निगम द्वारा कार्रवाई न किया जाना अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की ओर संकेत करता है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की बात तो दूर, नगर निगम कई क्षेत्रों में लोगों को दिन में तीन बार मूलभूत जलापूर्ति तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है, जो उसकी अक्षमता और जनता की जरूरतों के प्रति लापरवाही को उजागर करता है।
दीवान ने कहा कि नगर निगम की विफलताओं के कारण आज लुधियाना को ‘गड्ढों वाला शहर’ होने का बदनाम तमगा मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बने गहरे गड्ढे न केवल शहर की खराब छवि को पेश करते हैं, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं और नगर निगम की घोर लापरवाही को उजागर करते हैं।
दीवान ने मांग की है कि उठाए गए सभी मुद्दों, विशेषकर विकास निधियों के उपयोग से जुड़े मामलों पर नगर निगम पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने सच्चाई रखे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे उपयुक्त कदम यह होगा कि नगर निगम बिना किसी देरी के एक विस्तृत ‘श्वेत पत्र’ जारी करे, जिसमें ऑडिट शाखा, एफ एंड सी सी, बी एंड आर, ओ एंड एम सहित सभी संबंधित शाखाओं का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
