धर्मेंद्र की पंजाब की प्रॉपर्टी को लेकर बड़ा खुलासा : सनी-बॉबी को मिला कुछ नही…किसको सौंप दी सारी जमीन?

by

धर्मेंद्र की मौत के बाद से ही उनकी संपत्ति के बंटवारे को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। गत 24 नवंबर 2025 को 89 साल के लिजेंड्री एक्टर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके निधन के बाद से ही उनकी संपत्ति के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पंजाब में है धर्मेंद्र की पुश्तैनी प्रॉपर्टी :  इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि धर्मेंद्र की दौलत में से किसे क्या मिलेगा। आपको बता दें कि दो बार शादी करने वाले धर्मेंद्र के कुल 6 बच्चे हैं- सनी, बॉबी, विजेता, अजीता, ईशा और अहाना, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से किसी भी बच्चे को पंजाब में धर्मेंद्र की पुश्तैनी प्रॉपर्टी नहीं मिली है।

पुश्तैनी जमीन की 5 करोड़ रुपये है कीमत :  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब में धर्मेंद्र की जो पुश्तैनी संपत्ति है, आज के समय में उसकी कीमत 5 करोड़ रुपये के आसपास है। वहीं इस संपत्ति पर धर्मेंद्र के बच्चों का ही हक होना चाहिए लेकिन एक्टर ने इस जमीन को किसी और को सौंप दिया है।

लुधियाना के डांगन गांव में पले-बढ़े थे एक्टर

आपको बता दें कि धर्मेंद्र का जन्म पंजाब के नसराली गांव में हुआ था जबकि वह डांगन गांव में पले-बढ़े थे। एक्टर के पिता की वहां जमीन थी लेकिन 1950 के दशक में एक्टर बनने के लिए धर्मेंद्र के मुंबई जाने के बाद उनके कजिन और उनके बच्चों ने खेती की जमीन की देखभाल की।

चाची और भतीजों के नाम की जमीन

जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र न सिर्फ अपने परिवार के प्रति जिम्मेदार रहे बल्कि गांव के चाचा-भतीजों पर भी उन्होंने बेइंतहा प्यार लुटाया था। धर्मेंद्र की उदारता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मौत से पहले ही अपनी पुश्तैनी जमीन का एक बड़ा हिस्सा अपने भतीजों के नाम कर दिया था। कुछ जमीन चाची को भी दी गई है।

पंजाब में धर्मेंद्र की प्रॉपर्टी कहां है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लुधियाना के डांगन गांव में धर्मेंद्र का पुश्तैनी घर और जमीन थी। धर्मेंद्र ने लगभग 2.50 एकड़ पुश्तैनी जमीन अपने भतीजों के लिए छोड़ी थी।

19 कनाल 11 मरले जमीन भतीजों के नाम

-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धर्मेंद्र ने मरने से पहले ही अपने भतीजों के नाम 19 कनाल 11 मरले जमीन लिख दी थी। उनका मानना था कि जमीन उस खून के पास ही रहनी चाहिए जिससे उनका रिश्ता बना हुआ है। धर्मेंद्र के भतीजे बूटा सिंह जो लुधियाना की कपड़ा मिल में काम करते हैं ने बताया है कि आज के दौर में लोग आधा किला तक नहीं देते लेकिन धर्मेंद्र ने उन्हें अपनी जड़ मानकर इतनी बड़ी जमीन दे दी।

-आपको बता दें कि धर्मेंद्र की चाची प्रीतम कौर, जो अब 95 वर्ष की हैं, आज भी गांव में ही रहती हैं और परिवार के इस स्नेह को याद करती हैं। बूटा सिंह ने ये भी बताया कि धर्मेंद्र के मुंबई शिफ्ट होने के बाद भी परिवार का रिश्ता उतना ही मजबूत बना रहा था।

गांव के स्कूल हेडमास्टर थे धर्मेंद्र के पिता

बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ ने अपनी शुरुआती जिंदगी साहनेवाल गांव में बिताई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धर्मेंद्र ने लुधियाना के लालटन कलां के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की थी, जहां उनके पिता गांव के स्कूल हेडमास्टर थे। इसके बाद एक्टर ने साल 1952 में फगवाड़ा से मैट्रिक पास किया था।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में हार पर मंथन, सीएम सुक्खू ने नुकसान की बड़ी वजह कमेटी को बताई, कांग्रेस ने अपने वोट प्रतिशत में की बढ़ोतरी

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश के नौ विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर कांग्रेस ने अपनी सरकार तो बचा ली, लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री बताएँ प्रदेश में क्यों हो रहा है व्यवस्थाओं का पतन? नेरचौक मेडिकल कॉलेज में क्यों हड़ताल पर हैं प्रशिक्षु डॉक्टर : जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री बताएं क्यों नहीं मिल रहा है डिपुओं पर खाद्य तेल और सस्ता राशन,  मुख्यमंत्री बताएं किसकी शह पर हो रहा है प्रदेश में अवैध खनन एएम नाथ। शिमला :  शिमला से जारी बयान...
article-image
पंजाब

Dr. Bhupender Vastushastri’s name

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/May 30 : Internationally renowned architect and author Dr. Bhupender Vastushastri’s name has been included in the London Book of World Records. You have been promoting Vedic Vastu through your services in the...
article-image
हिमाचल प्रदेश

शिक्षकों को मिलेगा मात्र 40 फीसदी वेतन-स्टडी लीव पर जाने पर, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

एएम नाथ। शिमला :  सात अगस्त 2024 के बाद अध्ययन अवकाश पर जाने वाले प्रोफेसरों और शिक्षकों को कुल वेतन का सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। नए सीसीएस अवकाश नियमों के तहत अध्ययन...
Translate »
error: Content is protected !!