सरकार बनने पर नशा बेचने वालों को 10 साल की सजा दिलाने का प्रयास, ‘मावा धिया ललकार’ योजना के तहत महिलाओं को किया जाएगा लामबंद
फरीदकोट। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए अपनी पार्टी की प्रस्तावित रणनीति का ऐलान किया। फरीदकोट में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में अकाली दल की सरकार बनती है तो नशे के खिलाफ अभियान की जिम्मेदारी एडीजीपी स्तर की एक महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी जाएगी।
हरसिमरत बादल ने कहा कि ‘मावा धिया ललकार’ योजना के तहत गांवों में महिलाओं की विशेष फोर्स तैयार की जाएगी, जो नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करेगी। उन्होंने माताओं और बहनों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में अभी से इस मुहिम के तहत सक्रिय हों और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
नशा बेचने वालों को 10 साल की सजा दिलाने का प्रयास
अकाली दल की नेता ने कहा कि प्रस्तावित महिला फोर्स गांवों में नशे के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने और संबंधित लोगों की पहचान करने में सहयोग करेगी। इससे सरकार बनने के बाद नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार बनने पर नशा बेचते पकड़े जाने वाले लोगों को कम से कम 10 साल की सजा दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जमानत के मामलों में कठोर रुख अपनाने की भी बात कही।
नशे की गिरफ्त में आए युवाओं का इलाज भी होगा
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल सख्त कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं का इलाज और पुनर्वास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होगी कि ऐसे युवाओं को नशे से बाहर निकालने में मदद करे।
उन्होंने नशे से प्रभावित परिवारों और उनके बच्चों की देखभाल तथा सहायता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, पुलिस की सख्ती, महिलाओं की भागीदारी और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान के माध्यम से नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा सकता है।
हरसिमरत बादल ने महिलाओं से इस अभियान में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि गांवों में लोगों को जागरूक करने और नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाने से भविष्य में नशे के कारोबार पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
