नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी घमासान तेज : जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर साधा निशाना, महिला विरोधी मानसिकता का आरोप

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डीजीपी विवाद और पीएमजीएसवाई विस्तार पर भी उठाए सवाल और जताया आभार

एएम नाथ। मंडी : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को सराज के थुनाग में महिलाओं के साथ आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का विरोध कर विपक्ष ने अपनी “महिला विरोधी मानसिकता” उजागर कर दी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे रोककर महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल गांधी परिवार तक सीमित रह गई है और वह अन्य प्रतिभाशाली महिलाओं को आगे आने का अवसर नहीं देना चाहती। उनके अनुसार, दशकों के इंतजार के बाद मिलने वाला महिला आरक्षण कांग्रेस की राजनीति की भेंट चढ़ गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार केवल अन्याय नहीं बल्कि अक्षम्य अपराध है, जिसे देश की जनता कभी नहीं भूलेगी। ठाकुर ने भरोसा जताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विरोध प्रदर्शन के बाद जयराम ठाकुर ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों का विरोध करने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र का हवाला देते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। यह पत्र राज्य के पुलिस महानिदेशक के खिलाफ बताया जा रहा है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रशासन में आखिर क्या चल रहा है, जब मुख्य सचिव के बाद अब डीजीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी पर भी उनके अधीनस्थ सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक अराजकता को दर्शाती हैं और सरकार का मौन रहना चिंताजनक है।
जयराम ठाकुर ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर देश के अन्य राज्यों के दौरों में व्यस्त रहने का भी आरोप लगाया।
वहीं, उन्होंने केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-3) की समय सीमा 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बजट में 3727 करोड़ रुपये की वृद्धि से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क परियोजनाओं को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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