नेरचौक पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, मृतका के परिजनों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

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सरकाघाट की घटना दिल दहलाने वाली, नशा मचा रहा तांडव, कानून व्यवस्था बेपटरी : जयराम ठाकुर

चक्कर में दूध बहाने की घटना ने बेनकाब किए सुक्खू सरकार के खोखले दावे

एएम नाथ। मण्डी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट में जो घटना हुई है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। घर से कुछ दूरी पर ही कॉलेज जा रही एक बिटिया की निर्मम हत्या प्रदेश में कानून व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने का उदाहरण है। प्रदेश में अपराधी बेकाबू हैं। इस घटना ने न केवल पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है, बल्कि हर उस परिवार को डरा दिया है जिनकी बेटियां शिक्षा के लिए घर से बाहर निकलती हैं। जिस प्रदेश को हम सुरक्षित मानते थे, वहां अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? इस घटना में शामिल लोगों के इस जघन्य अपराध की ऐसी सज़ा मिलनी चाहिए जो भविष्य में उदाहरण बने, ताकि फिर कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए बिटिया की आत्मा की शांति और परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
जयराम ठाकुर ने अपने सारे कार्यक्रम निरस्त कर बिटिया के परिजनों से मिलने नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचे। परिजनों से मिलकर उन्होंने उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मृतका के पिता और उनके साथ आए लोगों ने उन्हें घटनाक्रम से अवगत करवाया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज कहने के लिए शब्द नहीं हैं। संवेदनाएं जाहिर करने की भी हिम्मत नहीं है। बिटिया के पिता जी से नज़रें मिलाने का भी साहस नहीं हो रहा था। घर से हँसते-खेलते सुबह कॉलेज के लिए निकली बेटी के साथ यदि ऐसा कुछ हो जाए, तो उस पिता और परिजनों पर क्या बीतेगी, यह शब्दों में बयान नहीं हो सकता। हम परिवार के साथ हैं और बिटिया के न्याय के लिए जी-जान से लड़ेंगे। जितने भी लोग इसमें शामिल होंगे, सबको कानून का सामना करना पड़ेगा।
बेहद भावुक होकर बिटिया के पिता जी ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि भविष्य में ऐसा किसी भी बेटी के साथ न हो। जयराम ठाकुर ने भावुक होते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और हमेशा उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी तक जितनी बातें पता चली हैं, उससे एक बात साफ है कि हत्यारा नशे का आदी था। सरकार द्वारा नशे के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी जा रही है, उसमें गंभीरता कम और दिखावा ज्यादा है। इसी कारण प्रदेश के कोने-कोने में नशा फैल रहा है। हाल ही में प्रदेश में ऐसे निर्मम हत्याकांड हुए हैं, जिनमें हत्यारे नशे के आदी पाए गए हैं।
प्रदेश में पहले जो नशा बॉर्डर एरिया तक सीमित था, आज वह प्रदेश के कोने-कोने में फैल रहा है, लेकिन सरकार सिर्फ इवेंटबाज़ी कर रही है। नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई को और अधिक गंभीरता तथा सख्ती से लड़ने की आवश्यकता है। इसके लिए कानून में जो भी बदलाव करने हों, भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से सरकार के साथ है। लेकिन सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में गंभीरता लाए और इवेंटबाज़ी की बजाय प्रभावी कार्रवाई को प्रोत्साहित करे।
प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां नशे से जुड़े लोगों की संलिप्तता की खबरें आईं, लेकिन सरकार द्वारा कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की गई।
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चक्कर में दूध बहाने की घटना ने बेनकाब किया सुक्कू सरकार के खोखले दावे

पत्रकारों द्वारा मंडी के चक्कर प्लांट में पशुपालकों द्वारा दूध फेंके जाने की घटना से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार हर दिन यह दावा करती है कि उसने दूध के दाम में ऐतिहासिक वृद्धि की है और कई सुविधाएं दी हैं। बिहार से लेकर असम के चुनाव में भी मुख्यमंत्री यही कहते नजर आए। लेकिन उनके अपने प्रदेश और गांव की हकीकत क्या है, यह चक्कर में फेंके गए दूध से साफ हो गई। यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस तरह की घटना हुई हो। मण्डी, रामपुर, आनी और बंजार के इलाकों में यह समस्या आम हो चुकी है। दूध न खरीदने और भुगतान महीनों तक न करने को लेकर आए दिन पशुपालकों और हिमफेड के बीच विवाद होते रहते हैं। यह सरकार सिर्फ विज्ञापनों और देशभर में घूम-घूमकर चुनावी प्रचार में ही पशुपालकों का दूध खरीद रही है, जबकि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल विपरीत है। सरकार को सोचना चाहिए कि एक-एक बूंद दूध के लिए पशुपालकों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में सरकार जब चाहे उनका दूध खरीदे और जब चाहे मना कर दे, यह नहीं चलेगा। आज मुख्यमंत्री के झूठे दावों की पोल खुल गई है, क्योंकि किसान थक-हार कर दूध सड़कों पर बहाने को मजबूर हो रहे हैं।

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