पंजाब के 3 युवकों की कहानी दिल दहला देगी….अपहरण, मानसिक आघात और संघर्ष : ईरान से जान बचाकर लौटे यूबकों की दर्दनाक की कहानी

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चंडीगढ़: ईरान से भारत आने वालों का सिलसिला जारी है। इस बीच पंजाब से हैरान करने वाली खबर सामने आई। दरअसल ईरान में अपहरण किए गए पंजाब के तीन युवक अमृतपाल सिंह (23), हुसनप्रीत सिंह (27), और जसपाल सिंह (32) आखिरकार भारत लौट आए हैं।

उन्हें डंकी रूट से ऑस्ट्रेलिया ले जाया जा रहा था। ईरान में उन्हें अगवा कर लिया गया था। हालांकि उनकी वापसी पूरी तरह से खुशी लेकर नहीं आई। वे युद्ध क्षेत्र में फंस गए थे और शारीरिक और मानसिक रूप से गहरे जख्मों के साथ घर लौटे हैं। हालांकि परिवारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन वे अब अपने बेटों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। तीनों युवक सदमे में हैं और बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उनके परिवारों ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिन्होंने उनसे 54 लाख की रुपये लिए थे।

ऑस्ट्रेलिया मे भविष्य बनाने का देखा था सपना

जानकारी के मुताबिक, इन तीनों युवकों का अपहरण ईरान में तब हुआ जब वे बेहतर भविष्य की तलाश में ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। उन्हें धोखे से मानव तस्करी करने वाले गिरोह के हाथों बेच दिया गया। कई हफ्तों तक उनके परिवार वाले डर और निराशा में जी रहे थे। उनकी सलामती के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे थे। आखिरकार वे भारत वापस आ गए हैं, लेकिन उनके साथ जो हुआ, उसने उन्हें पूरी तरह से बदल दिया है। अमृतपाल सिंह, हुसनप्रीत सिंह और जसपाल सिंह अब पंजाब में अपने-अपने घरों में हैं।

बस दीवार को घूरता रहता है अमृतपाल

अमृतपाल होशियारपुर तो हुसनप्रीत संगरूर के रहने वाले हैं। वहीं जसपाल शहीद भगत सिंह नगर के निवासी हैं। लेकिन उनमें से कोई भी बात करने की हालत में नहीं है। अमृतपाल की मां गुरदीप कौर ने बताया कि वह बस दीवार को घूरता रहता है। अमृतपाल कभी मेलबर्न में बसने का सपना देखता था। वह हमेशा खुश रहने वाला युवक था। लेकिन अब वह चुपचाप लेटा रहता है। उसकी आंखें दर्द से भरी हुई हैं। उसकी मां ने बताया कि घर लौटने के बाद से उसने एक भी पूरा वाक्य नहीं बोला है।

शरीर पर चोट के निशान

उसकी मां ने आगे कहा कि वह गंभीर मानसिक तनाव में है। उसके शरीर पर चोट के निशान हैं। उसे बुरी तरह पीटा गया था। उसकी नाक में भी चोट लगी है और वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा है। लेटने में भी उसे दर्द होता है। हम उसे दवाइयां दे रहे हैं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि ठीक होने में समय लगेगा। परिवार का कहना है कि वह अभी दवाइयों पर है और कुछ दिनों में शायद बात कर पाए।

हुसनप्रीत की हालत भी वैसी

संगरूर जिले के धूरी में 27 वर्षीय हुसनप्रीत सिंह अपने गांव में लौटा। उसके चचेरे भाई मनप्रीत सिंह ने बताया कि हुसनप्रीत को दिल्ली में उतरने के बाद दवा दी गई थी और सड़क मार्ग से घर लाया गया। मनप्रीत ने बताया कि वह रात में चीखते हुए उठता है। वह दवाइयों पर है। उसके शरीर पर हर जगह निशान हैं। कुछ पिटाई के हैं तो कुछ शायद जलने के। जब वह बोलने की कोशिश करता है तो उसकी आवाज कांपती है। लेकिन वह आमतौर पर वाक्य पूरा नहीं करता है। परिवार ने आगंतुकों को दूर रखा है। क्योंकि उन्हें डर है कि इससे उसकी चिंता और बढ़ जाएगी।

जसपाल के पसलियों में अंदरूनी सूजन

एसबीएस नगर में जसपाल सिंह के भाई अशोक कुमार ने बताया कि उनका पुनर्मिलन आंसुओं से भरा था। राहत के आंसू, लेकिन बेबसी के भी। अशोक ने कहा कि हमने आज उसका स्कैन करवाया। उसकी पसलियों में अंदरूनी सूजन है। वह मुश्किल से चल पाता है। लेकिन सबसे बुरा मानसिक आघात है। वह लगातार कांपता रहता है। वह बोलने की कोशिश करता है। फिर रुक जाता है और घूरने लगता है। उसने लौटने के बाद से ठीक से खाना भी नहीं खाया है।

होशियारपुर के एजेंटों ने फंसाया

डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है, लेकिन परिवार ने घर पर ही देखभाल करने का फैसला किया है। उन्हें उम्मीद है कि अपनों के बीच रहने से उसे कुछ आराम मिलेगा। अशोक ने कहा कि वह घर पर है, लेकिन उसका दिमाग अभी भी कहीं और फंसा हुआ है। इन तीनों युवकों को अप्रैल में तेहरान में अगवा कर लिया गया था। उन्हें होशियारपुर के एजेंटों ने दुबई और ईरान के रास्ते ऑस्ट्रेलिया में कानूनी रूप से प्रवास करने का वादा किया था।

ट्रैवल एजेंटों पर कार्रवाई की मांग

इसके बजाय उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह को सौंप दिया गया। मई में उनके परिवारों को भेजे गए वीडियो में तीनों युवक खून से लथपथ थे और पाकिस्तानी खातों में और पैसे भेजने की गुहार लगा रहे थे। भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप और ईरानी पुलिस की ओर से 3 जून को तीनों को बचाने के बाद 23 जून को इजरायल-ईरान तनाव बढ़ने के कारण उनकी वापसी में देरी हुई। उन्हें सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था होने तक तेहरान में भारतीय दूतावास में रखा गया था। परिवार अब ट्रैवल एजेंटों धीरज अटवाल, कमल अटवाल और साविता सोया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जो अभी भी फरार हैं। इन पर मामले दर्ज किए गए हैं।

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