ऑपरेटरों पर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की पेनल्टी लगाने का विरोध; आधार, प्रमाणपत्र और मैरिज रजिस्ट्रेशन सहित कई सेवाएं प्रभावित
पंजाब में 544 सेवा केंद्रों के ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऑपरेटरों पर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की पेनल्टी लगाने के विरोध में कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर दिया है। इसका असर प्रदेशभर के सेवा केंद्रों में मिलने वाली सरकारी सेवाओं पर पड़ रहा है।
सेवा केंद्रों में आधार कार्ड में संशोधन, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र, मैरिज रजिस्ट्रेशन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और राशन कार्ड से संबंधित काम प्रभावित हुए हैं। इन सेवाओं के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे लोगों को बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ रहा है। ऑपरेटरों ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के हस्तक्षेप और पेनल्टी लगाने की प्रक्रिया रद्द होने तक हड़ताल जारी रहेगी। आज ऑपरेटर चंडीगढ़ में एकत्र होकर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे।
दूर-दराज से पहुंचे लोग लौटे खाली हाथ
बठिंडा के मुख्य सेवा केंद्र सहित जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों में कामकाज बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जरूरी दस्तावेज बनवाने और पुराने दस्तावेजों में संशोधन करवाने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से बसों में सफर करके आए लोगों का समय और किराया भी व्यर्थ गया। हड़ताल लंबी खिंचने से नागरिक सेवाओं से जुड़े काम और प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल और जिला प्रतिनिधियों ने कहा कि पेनल्टी के मुद्दे को लेकर वे पहले भी विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ऑपरेटरों का कहना है कि भारी जुर्माने की कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले में हस्तक्षेप कर पेनल्टी प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है।
