लक्ष्मी नारायण मंदिर की दुकानों और संपत्तियों का होगा असेसमेंट : बजंत्री का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपये किया, धाम-भंडारे का शुल्क 7000 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये

by

ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और विकास के लिए एएसआई के माध्यम से होंगे कार्य, संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन को बनेगी चार सदस्यीय समिति

एएम नाथ। चंबा : उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बचत भवन चंबा में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के विकास, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और धार्मिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। मंदिर की विशिष्ट स्थापत्य कला, समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने न्यास के सभी सदस्यों से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चंबा शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित अन्य प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं बेहतर प्रबंधन की संभावनाएं भी तलाशी जानी चाहिए। जिन मंदिरों की अपनी प्रबंधन समितियां नहीं हैं, उन्हें श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास के साथ जोड़ने पर विचार किया जा सकता है। मंदिर किसी न्यास या समिति की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश की साझा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण में जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में मंदिर न्यास की दुकानों के साथ भूमि और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तृत आकलन करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जो संबंधित संपत्तियों का निरीक्षण कर उनका विवरण तैयार करने के साथ आवश्यक सुझाव भी देगी। न्यास की दुकानों, स्टोर, भूमि और अन्य अचल संपत्तियों से प्राप्त होने वाले किराये एवं आय की समीक्षा भी की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि मंदिर परिसर में शौचालयों के निर्माण को छोड़कर अन्य महत्वपूर्ण कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के माध्यम से करवाए जाएंगे, ताकि मंदिर की मूल स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक विरासत सुरक्षित रहे।
बैठक में मंदिर में कार्यरत बजंत्री का मासिक मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का फैसला लिया गया। वहीं, मंदिर परिसर में धाम एवं भंडारे के आयोजन के लिए निर्धारित शुल्क 7000 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये कर दिया गया।
बैठक की कार्यवाही का संचालन एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड हंसराज चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर और न्यास के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

ऊर्जा व्यापार में अहम भूमिका निभाएगा एचपी एनर्जी मैनेजमेंट सेंटर: मुख्यमंत्री सुक्खू

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार ने बिजली की खरीद और बिक्री को सुचारू रूप से प्रबंधित करने तथा राज्य का राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा सरकार के दो वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण – प्रदेश सरकार ने समाज के हर वर्ग का समान विकास किया सुनिश्चितः राजीव शुक्ला

एएम नाथ / रोहित जसवाल। बिलासपुर : हिमाचल प्रदेश में वर्तमान कांग्रेस सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आज बिलासपुर के लुहणू मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के मुख्यमंत्री ने बिहार में बहाया झूठ का सागर : जयराम ठाकुर

सदन से सड़क, देश से विदेश, दिन से रात, सुबह से शाम, झूठ पर झूठ सीएम की उपलब्धि हिटलर के प्रोपेगंडा मंत्री गोएबल्स की राह पर चल रहे हैं सुखविंदर सिंह सुक्खू भाजपा सरकार...
article-image
हिमाचल प्रदेश

33 केवी पंडोह-गोहर विद्युत लाइन बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी

एएम नाथ।  मंडी, 6 अगस्त।  विभागीय कर्मचारी मौसम की विकट परिस्थितियों के बावजूद लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं और आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए हर संभव...
Translate »
error: Content is protected !!