पंजाब में फिरोजपुर, अमृतसर, पठानकोट पर ड्रोन और मिसाइल हमले, 50 से ज्यादा धमाके, ब्लैकआउट और दहशत का माहौल,पाकिस्तान की नापाक साजिश

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देते हुए पंजाब के कई जिलों को निशाना बनाया है। फिरोजपुर, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, फाजिल्का, जालंधर, संगरूर, फरीदकोट और बठिंडा सहित कई इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं।

इन हमलों में भारतीय सेना और वायु रक्षा प्रणालियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकांश ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन फिरोजपुर में एक ड्रोन के मलबे से हुए हादसे में तीन लोग घायल हो गए। पूरे पंजाब में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है, और सायरन की आवाजों के बीच लोग दहशत में हैं।

फिरोजपुर के खाई फेमी गांव में एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सेना ने मार गिराया, लेकिन इसका मलबा एक घर पर गिरने से आग लग गई। इस हादसे में लखविंदर सिंह, उनकी पत्नी और बेटे को जलने से चोटें आईं, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर में लाइट जल रही थी, जिसे प्रशासन ने हमले का कारण माना। फिरोजपुर में रात 8:30 बजे से ब्लैकआउट लागू है, और लगभग 50 धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। SSP भूपिंदर सिंह सिद्धू ने पुष्टि की कि घायलों का इलाज चल रहा है और अधिकांश ड्रोन निष्क्रिय कर दिए गए हैं।

अमृतसर में 3-4 ड्रोनों की मौजूदगी की सूचना मिली, जिनका लक्ष्य अजनाला रोड पर स्थित वायुसेना स्टेशन और अमृतसर कैंट क्षेत्र था। भारतीय सेना ने इन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, जिसके चलते 15-20 धमाके सुनाई दिए। अमृतसर में रात 7:30 बजे से ही लोग स्वेच्छा से ब्लैकआउट का पालन कर रहे हैं। मार्केट बंद हो गए, और सड़कें सुनसान हैं। शहर में रेड अलर्ट जारी है, और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

पठानकोट वायुसेना बेस और आसपास के क्षेत्रों में 20 से ज्यादा धमाके सुनाई दिए, जो ड्रोनों को मार गिराने के परिणाम थे। गुरदासपुर के करतारपुर कॉरिडोर के पास भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय लोगों ने समय से पहले ही लाइटें बंद कर दीं, जिससे ब्लैकआउट का पालन सुनिश्चित हुआ।

तरनतारन जिले के हरिके कस्बे में 4-6 मिसाइल हमले होने की खबर है। भारतीय सेना ने इन हमलों को नाकाम करते हुए ड्रोनों और अन्य हथियारों को नष्ट किया। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और लाइटें बंद रखने की अपील की है।

फाजिल्का: सरहदी गांवों में रात 9 बजे से ब्लैकआउट लागू है, और आसमान में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।

जालंधर: रात 9 बजे सायरन बजने के साथ पूर्ण ब्लैकआउट लागू किया गया। मोबाइल टावरों की लाइटें भी बंद हैं।

संगरूर: रात 9:30 बजे से सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट की घोषणा की गई, हालांकि बिजली सप्लाई दोपहर 1 बजे चालू होगी।

फरीदकोट और बठिंडा: दोनों जिलों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, और ब्लैकआउट लागू है।

भारतीय सेना और वायु रक्षा: भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों, जिसमें S-400, L-70, Zsu-23 और Schilka सिस्टम शामिल हैं, ने ड्रोनों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ड्रोनों को जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 26 स्थानों पर देखा गया, जिनमें से अधिकांश को नष्ट कर दिया गया।

जिला प्रशासन: पंजाब के सभी प्रभावित जिलों में रात 9 बजे तक व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और रेस्टोरेंट बंद करने के आदेश दिए गए। लोगों से लाइटें, मोबाइल फोन, कैमरे और इनवर्टर की रोशनी बंद रखने की अपील की गई है।

पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई और 10 मंत्रियों को सीमावर्ती जिलों में तैनात किया ताकि लोगों का हौसला बढ़ाया जा सके।

पाकिस्तान ने इन हमलों में सैकड़ों ड्रोनों का इस्तेमाल किया, जिनमें से कुछ तुर्की निर्मित Asisguard Songar ड्रोन थे। इन ड्रोनों का उद्देश्य सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना था। यह हमला भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में माना जा रहा है, जिसमें भारत ने 7-8 मई की रात को पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

हालांकि, गुरदासपुर और अमृतसर के लोगों ने समय से पहले ब्लैकआउट का पालन कर समझदारी दिखाई।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों ने भारत-पाकिस्तान तनाव को कम करने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के नेताओं के साथ संपर्क में हैं।

पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि उनके पास भारत के साथ “पूर्ण युद्ध” के अलावा कोई विकल्प नहीं है, जबकि पाकिस्तान ने पठानकोट और अमृतसर पर हमले के आरोपों को खारिज किया।

पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और गुजरात में 32 हवाई अड्डों पर 14 मई तक नागरिक उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। IPL और पाकिस्तान सुपर लीग के मैच भी रद्द कर दिए गए हैं।

पाकिस्तान की ओर से पंजाब और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले न केवल भारत की संप्रभुता पर हमला हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं। भारतीय सेना और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने बड़े नुकसान को रोका, लेकिन फिरोजपुर में तीन लोगों के घायल होने ने स्थिति की गंभीरता को उजागर किया। पंजाब में ब्लैकआउट, सायरन और धमाकों के बीच लोग डर के माहौल में हैं, लेकिन प्रशासन और सेना की सतर्कता ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है।

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