पंजाब व यू टी कर्मचारी और पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा पंजाब के मुख्यमंत्री पंजाब खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा रहा है । कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री का बंगा चौक में नारे लगाते हुए पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से वादा किया था कि सभी प्रकार के कच्चे और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करते हुए नियमित पैमाने पर सुरक्षित किया जाएगा, रिक्त पदों को भरा जाएगा, डीए की किस्तों का भुगतान होगा, आंगनबाडी, मिड डे मील वर्कर्स और आशा वर्कर्स के भत्ते बढ़ाए जाएंगे, वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी। सरकार ने एक भी मांग को लागू न कर कर्मचारियों से बड़ा वादाखिलाफी की है। सरकार हकों की मांग कर रहे कर्मचारियों, मजदूरों और मेहनतकशों के उत्पीड़न के सारे रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश कर रही है। वित्त मंत्री और अन्य अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण बातचीत का अंत नहीं हो रहा है, जिससे आरोपितों और पेंशनभोगियों में गुस्सा, हताशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो 16 अक्टूबर को पंजाब के कर्मचारी और पेंशनभोगी मोरिंडा में एक विशाल रैली करेंगे और कड़ा रुख अपनाएंगे। उन्होंने सभी कर्मचारियों से इस मोर्चा में शामिल होने की अपील की। इस मौके कर्मचारी नेता सुच्चा सिंह सतनौर, सुरजीत कुमार काला, मंजीत अरमान, हंस राज, गुरदेव ढिल्लों, चरण दास, नरेश फौजी, राजकुमार, कुलविंदर सहुंगारा, बलवीर बैंस, जगदीश लाल, गुरनाम हाजीपुर, जरनैल दघम, संदीप कुमार, जसवीर, रंजीत सिंह, हरजिंदर सुन्नी, गुरमेल सिंह, सरूप चंद, परमानंद, सिंगरा राम, प्रवीण कुमार समेत कई नेता मौजूद थे।

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गढ़शंकर: पंजाब व यू टी कर्मचारी और पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा पंजाब के मुख्यमंत्री पंजाब खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा रहा है । कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री का बंगा चौक में नारे लगाते हुए पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से वादा किया था कि सभी प्रकार के कच्चे और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करते हुए नियमित पैमाने पर सुरक्षित किया जाएगा, रिक्त पदों को भरा जाएगा, डीए की किस्तों का भुगतान होगा, आंगनबाडी, मिड डे मील वर्कर्स और आशा वर्कर्स के भत्ते बढ़ाए जाएंगे, वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी। सरकार ने एक भी मांग को लागू न कर कर्मचारियों से बड़ा वादाखिलाफी की है। सरकार हकों की मांग कर रहे कर्मचारियों, मजदूरों और मेहनतकशों के उत्पीड़न के सारे रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश कर रही है। वित्त मंत्री और अन्य अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण बातचीत का अंत नहीं हो रहा है, जिससे आरोपितों और पेंशनभोगियों में गुस्सा, हताशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो 16 अक्टूबर को पंजाब के कर्मचारी और पेंशनभोगी मोरिंडा में एक विशाल रैली करेंगे और कड़ा रुख अपनाएंगे। उन्होंने सभी कर्मचारियों से इस मोर्चा में शामिल होने की अपील की। इस मौके कर्मचारी नेता सुच्चा सिंह सतनौर, सुरजीत कुमार काला, मंजीत अरमान, हंस राज, गुरदेव ढिल्लों, चरण दास, नरेश फौजी, राजकुमार, कुलविंदर सहुंगारा, बलवीर बैंस, जगदीश लाल, गुरनाम हाजीपुर, जरनैल दघम, संदीप कुमार, जसवीर, रंजीत सिंह, हरजिंदर सुन्नी, गुरमेल सिंह, सरूप चंद, परमानंद, सिंगरा राम, प्रवीण कुमार समेत कई नेता मौजूद थे।

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