पंडोगा में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर से ऊना में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

by
रोहित जसवाल।  ऊना, 13 जनवरी. ऊना जिले के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की है। यह टेक्नोलॉजी सेंटर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से पंडोगा स्थित कम्युनिटी सेंटर भवन में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा परवाणू में भी टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने की मंजूरी मिली है।
टेक्नोलॉजी सेंटर्स से प्रदेश में उद्योगों को मिलेगी ताकत : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्वीकृति हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को मजबूत करने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय ने देशभर में 13 नए टेक्नोलॉजी सेंटर-एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करने को लेकर कार्यालय ज्ञापन जारी किया है, जिनमें पंडोगा और परवाणू को भी शामिल किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन टेक्नोलॉजी सेंटर्स के स्थापित होने से राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे उद्योगों को आधुनिक तकनीकी सहयोग मिलेगा, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और एमएसएमई इकाइयों की गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पंडोगा और परवाणू दोनों टेक्नोलॉजी सेंटर एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर लुधियाना के अधीन संचालित व मार्गदर्शित होंगे, जिससे प्रशिक्षण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित रहेगी।
क्वालिटी टेस्टिंग, एआई लैब और तकनीकी मार्गदर्शन सहित मिलेंगी अनेक सुविधाएं : संयुक्त निदेशक उद्योग
वहीं, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक ऊना, अंशुल धीमन ने बताया कि टेक्नोलॉजी सेंटर्स स्थापित होने से उद्योगों को क्वालिटी टेस्टिंग, डिजाइनिंग, आधुनिक मशीनरी, तकनीकी मार्गदर्शन सहित कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि सेंटर से टूल एंड डाई मेकिंग एंड रिपेयर तथा प्रोडक्ट डेवलपमेंट में भी सहायता मिलेगी। इसके अलावा यहां कैड-कैम तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई)लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यहां स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी सेवाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित होगी तथा युवाओं को ऑनलाइन व वर्चुअल माध्यम से भी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। सेंटर के माध्यम से उत्पाद एवं प्रक्रिया डिजाइन से संबंधित परामर्श, उद्यमिता विकास तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

बादल परिवार के अपराध अक्षम्य, बागी अकाली नेतृत्व भी परिवार के अपराधों में बराबर जिम्मेदार : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री की ओर से पौधारोपण अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान नई कंडी नहर से 11,000 एकड़ क्षेत्र को मिलेगा लाभ, धार कलां में 206 मेगावाट क्षमता वाला बांध जल्द ही जनता को...
article-image
हिमाचल प्रदेश

रामलीला का मंचन 14 से 24 अक्तूबर तक होगा : रामलीला प्रबंधों की एसडीएम ने की समीक्षा

ऊना 9 अक्तूबर: 14 से 24 अक्टूबर तक राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना में आयोजित होने वाली रामलीला की तैयारियों को लेकर सोमवार को एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान ने ज़िला अधिकारियों व...
हिमाचल प्रदेश

जिला ऊना में किराएदारों का पुलिस वैरिफिकेशन व पंजीकरण अनिवार्यः डीसी राघव शर्मा

ऊना, 25 फरवरीः जिला ऊना में अपना घर व अन्य संपत्ति किराए पर देने से पहले मालिक को किराएदार का पुलिस वैरिफिकेशन तथा पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए...
article-image
हिमाचल प्रदेश

*संजौली में फिंकवाई 33 किलो खराब मिठाइयां : भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की टीम ने शहर की विभिन्न मिठाई की दुकानों से भरे सैंपल*

एएम नाथ। शिमला : भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की टीम ने संजौली, ढली, मशोबरा और कामधेनु का हाई कोर्ट में लगे मिठाइयों की स्टाल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संजौली में...
Translate »
error: Content is protected !!