पीएम मोदी ने मंच पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी से मिलाया हाथ…फिर लंबी बातचीत, चंडीगढ़ में क्या हो सकता खेला

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चंडीगढ़: मॉनसून सत्र से पहले बीजेपी जहां एक तरफ एनडीए के संख्याबल को मजबूत करने के जुटी है तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी के पंजाब दौरे से कांग्रेस असहज करने वाली हलचल सामने आई है। पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ की रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद मनीष तिवारी से बड़ी गर्मजोशी के साथ मिले।

पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच मची खींचतान के बीच मनीष तिवारी से हाथ मिलाया और बातचीत की। मनीष तिवारी काफी मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। मनीष तिवारी चंडीगढ़ से सांसद हैं, इसलिए शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के तौर वह कार्यक्रम में गए थे, लेकिन पीएम मोदी ने उनसे गुफ्तगू करके राजनीति को गरमा दिया। पीएम मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई है।

मनीष तिवारी का छलका था दर्द :  हाल ही में जब कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कुछ नियुक्तियां की थीं तब मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया सामने आई थी उन्होंने कहा था कि पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल और चुनाव समितियों में अपना नाम शामिल न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्हें पार्टी द्वारा कोई जिम्मेदारी न मिलने के कारण उनका दर्द सोशल मीडिया पर छलक उठ था। जिसे उन्होंने पार्टी नेतृत्व के भीतर असुरक्षा (इनसिक्योरिटी) करार दिया था। जिस तरह से पीएम मोदी मनीष तिवारी से मिले और बात की। उसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि मनीष तिवारी भी बीजेपी के रडार पर हैं। जब पीएम मोदी ने बातचीत की तो उस वक्त पर जेपी नड्‌डा मौजूद थे।

ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन में थे तिवारी : दरअसल मनीष तिवारी कांग्रेस में अपनी उपेक्षा से नाराज हैं, वे सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने जब हिंदी की एक कहावत के जरिए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाया था कि ‘है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे’। इसका आशय था कि प्रतिभा संपन्न व्यक्ति को कई बार पार्टी में कमी की तरह देखा जाता है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पिछले 45 सालों में बहुत कुछ दिया है। इसके उलट मनीष तिवारी को केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के डेलीगेशन में शामिल किया था।

छात्र जीवन से कांग्रेस में हैं मनीष तिवारी :  मनीष तिवारी की उम्र लगभग 60 वर्ष है। वह कुल 3 बार सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में 1 बार मंत्री रह चुके हैं। वह पहली बार लुधियाना, फिर आनंदपुर साहिब और अब चंडीगढ़ से सांसद हें। मनीष तिवारी अच्छे वक्ता हैं। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे हैं। वे मनमोहन सिंह सरकार (यूपीए-2) के दौरान वह देश के सूचना और प्रसारण मंत्री (भी रह चुके हैं। वह छात्र राजनीति के दिनों से यानी करीब 45 सालों से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

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