एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब चंडीगढ़ स्थित पीजीआई और दिल्ली एम्स से पीजी करने वाले पात्र डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं देना होगा। उनका चयन एमबीबीएस और पीजी में प्राप्त मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 13 अक्टूबर 2026 को रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत नीति में नया क्लॉज 7.3.8 जोड़ा गया है।
यह व्यवस्था सीधी भर्ती के निर्धारित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत लागू होगी। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना और भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाना है।
हालांकि, अधिसूचना में रिक्त पदों की संख्या और भर्ती की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। यह बदलाव चयन प्रक्रिया से संबंधित है, सभी पात्र डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति का आदेश नहीं है।
