संसद से भागकर सड़क पर अराजकता फैला रही कांग्रेस, लोकतंत्र को कर रही शर्मसार
भाजपा का कांग्रेस पर हमला, पीएम आवास और पार्टी मुख्यालय मार्च की बताई राजनीतिक नौटंकी
एएम नाथ। शिमला : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पेपर लीक मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अब पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि मामलों का शीघ्र निपटारा हो और दोषियों को जल्द कठोर दंड मिल सके।
शिमला स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों को गंभीरता से लेते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के सामने आने के बाद सीबीआई जांच करवाई गई, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराई गईं और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी सुधार लागू किए गए। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कानून के तहत शीघ्र और कड़ी सजा मिलेगी।
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा करने से बच रहा है और सड़क पर विरोध-प्रदर्शन के नाम पर अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करना और भाजपा मुख्यालय का घेराव करना लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने जैसा है।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि प्रधानमंत्री आवास और भाजपा मुख्यालय तक जाने की क्या आवश्यकता थी। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के लिए संसद और अन्य संवैधानिक मंच मौजूद हैं, लेकिन कांग्रेस इन मंचों से दूर भागकर टकराव की राजनीति कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर होती तो संसद में चर्चा कर सरकार को सुझाव देती, लेकिन उसने संसद की कार्यवाही बाधित करने और राजनीतिक लाभ के लिए सड़कों पर प्रदर्शन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
