*बरसी पर विशेष– संत बाबा हरी सिंह जी कहारपुरी — सिख धर्म और शिक्षा के प्रसार हेतु हमेशा समर्पित रहे*

by

माहिलपुर . दलजीत अजनोहा : पंजाब संतों, महापुरुषों और गुरुओं की पवित्र धरती है। इसी भूमि पर यहां अनेक धर्मग्रंथों की रचना हुई, वहीं संतों और तपस्वियों ने अपने जीवन को समाज सेवा और प्रभु सिमरण के माध्यम से लोककल्याण को समर्पित किया। ऐसे ही महान संत और परमार्थी तपस्वी श्रीमान 108 संत बाबा हरी सिंह जी कहारपुरी (कुटिया कहारपुर, माहिलपुर, जिला होशियारपुर) ने अपने पूरे जीवन को सिख धर्म के प्रचार, गुरुद्वारों के निर्माण और शिक्षा के प्रसार में समर्पित किया।संत बाबा हरी सिंह जी का जन्म वर्ष 1877 में जिला होशियारपुर के गांव जियाण में माता अतर कौर और पिता सरदार अतर सिंह के घर हुआ। बाल्यकाल से ही वे धार्मिक प्रवृत्तियों और प्रभु भक्ति में लीन रहते थे। युवावस्था में उन्होंने सिख धर्म के पुनर्जागरण के लिए आरंभ हुई सिंह सभा आंदोलन में सक्रिय भाग लिया और अंग्रेज़ी राज के दौरान सिख मूल्यों, शहादत परंपरा और विरासत की रक्षा के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया।उन्हें पूर्ण ब्रह्म ज्ञानी संत बाबा हरनाम सिंह जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिनकी प्रेरणा से वे गांव कहारपुर में बस गए और वहीं से उन्होंने सिख धर्म के प्रचार और समाज सेवा के कार्यों की शुरुआत की। 1925 तक उनका तप, जप और सेवा कार्य सतत जारी रहा, जिससे उन्हें इलाके में अद्भुत धार्मिक और सामाजिक सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने सिख धर्म के प्रसार के लिए 1929 में गांव जियाण में संत बाबा हरनाम सिंह जी की याद में गुरुद्वारा अगीठा साहिब का निर्माण करवाया। इसी तरह श्री आनंदपुर साहिब, दमालगढ़ साहिब और अन्य पवित्र स्थलों पर उन्होंने कई सेवा कार्य करवाए।संत बाबा हरी सिंह जी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिए। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए गांव जियाण में कन्या पाठशाला स्थापित की। इसके पश्चात उन्होंने खालसा हाई स्कूल श्री आनंदपुर साहिब, खालसा हाई स्कूल पखोवाल, नेशनल हाई स्कूल नसराला, खालसा हाई स्कूल गुरुसर (सर्गोधा, अब पाकिस्तान में) और संत हरी सिंह खालसा हाई स्कूल जियाण (चब्बेवाल) की स्थापना करवाई।1946 में उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज, माहिलपुर की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई, जो आज विश्व स्तर पर शिक्षा और खेलों में अग्रणी संस्थान माना जाता है। इस कॉलेज के परिसर में आज संत बाबा हरी सिंह मेमोरियल खालसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, संत बाबा हरी सिंह मॉडल स्कूल और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेजिएट स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो पंजाब की प्रमुख शैक्षिक संस्थाओं में गिने जाते हैं।संत बाबा हरी सिंह जी ने 1909 से 1973 तक देश के विभिन्न प्रदेशों का भ्रमण करते हुए सिख धर्म और मानवता की सेवा की। 21 अक्टूबर 1973 की सुबह वे अपने कुटिया कहारपुर आश्रम में गुरुपुरी सिधार गए। उनके पवित्र स्थान कहारपुर में वर्तमान में तीसरे गद्दीनशीन संत बाबा साधू सिंह जी कहारपुरी सेवाएं निभा रहे हैं।उनकी याद में इस वर्ष 22 अक्टूबर 2025 को कुटिया कहारपुर में उनकी और ज्ञानी शेर सिंह जी की सालाना बरसी पूरे श्रद्धाभाव से मनाई जाएगी। इस अवसर पर पंथ के प्रमुख कीर्तनिये, ढाढ़ी जत्थे और कथा वाचक संगत को गुरबाणी, शब्द कीर्तन और सिख इतिहास की प्रेरक परंपरा से विभोर करेंगे।लेखक: डॉ. परविंदर सिंह, प्रिंसिपल खालसा कॉलेज माहिलपुर

द्वारा: दलजीत अजनोहा, ब्यूरो चीफ, होशियारपुर

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

क्या हुया सस्ता, क्या हुया महंगा….0% से 40% तक GST महाबोनस में कौन सी चीज कहां?… पूरी ल‍िस्‍ट

नई दिल्‍ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जीएसटी दरों में भारी कटौती का ऐलान किया। यह कटौती 22 सितंबर से लागू हो रही है। जीएसटी में बदलाव से कई चीजों पर टैक्स...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

आतंकियों का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला : पुलिस, बीएसएफ और एसएसजी के करीब 400 जवानों ने दूसरे दिन भी 5 किलोमीटर तक निकटवर्ती क्षेत्र का चप्पा-चप्पा खंगाला

गुरदासपुर । भारत-पाक सीमा और जेएंडके बॉर्डर के पास बसे गांव कोट भट्टियां में बीते मंगलवार रात देखे गए दो हथियारबंद संदिग्ध आतंकियों का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। जबकि...
article-image
पंजाब

Punjab News : सीएम मान ने कहा भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे : पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था राघव चड्डा का

चंडीगढ़ । आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा...
Translate »
error: Content is protected !!