सिख संस्थाओं के कामकाज को लेकर उठाए सवाल, आनंदपुर साहिब सराय विवाद पर मांगे जवाब
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को बादल परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुर्बानियों के इतिहास वाले अकाली दल को एक परिवार की राजनीतिक पार्टी बना दिया गया है। उन्होंने सिख संस्थाओं के कामकाज और उनके कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब की एसजीपीसी सराय में एक महिला के कई महीनों तक रहने से जुड़े विवाद का जिक्र किया। उन्होंने अमरजीत सिंह चावला, विरसा सिंह वल्टोहा और सरबजीत सिंह झिंजर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि महिला को सराय में रहने की अनुमति किसने दी और उसे सुविधाएं किसके निर्देश पर उपलब्ध कराई गईं।
पन्नू ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से भी सवाल किया कि महिला द्वारा शिकायत किए जाने के बाद क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और उनके संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।
आप नेता ने 2015 की बेअदबी की घटनाओं तथा कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड का जिक्र करते हुए तत्कालीन अकाली सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को पंजाब के लोग आज भी भूले नहीं हैं।
पन्नू ने कहा कि सिख संस्थाएं किसी राजनीतिक परिवार के हितों के लिए नहीं बल्कि सिख समुदाय की सेवा के लिए हैं। उन्होंने बादल परिवार के नेताओं से आनंदपुर साहिब सराय विवाद सहित उठाए गए अन्य सवालों पर जवाब देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से अमरजीत सिंह चावला और एसजीपीसी कर्मचारी मलकीत सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद पूरे मामले पर गंभीरता से विचार की जरूरत है।
पन्नू ने सिख बुद्धिजीवियों और समुदाय से सिख संस्थाओं के कामकाज को लेकर अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
