आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि पंजाब को बदनाम करने के लिए भाजपा, अकाली और कांग्रेस साजिश रच रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिस जग्गा सिंह को भाजपा अपना ‘भाई’ बता रही है, वह नशा तस्कर है और उस पर NDPS समेत 9 केस दर्ज हैं, जबकि मोहन जीत सिंह पर भी 8 केस दर्ज हैं।
विपक्ष दलों ने गुलजार सिंह पर भी दबाव बनाकर AAP के खिलाफ बयान दिलवाया. ये लोग पंजाब को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं. आज जब भगवंत मान सरकार अभियान चलाकर अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारें में लाए गए नशे का खात्मा कर रही है तो इसे रोकने के लिए सभी एकजुट हो गए हैं. लेकिन आम आदमी पार्टी पंजाब को बदनाम करने की भाजपा, कांग्रेस और अकाली की साजिश को सफल नहीं होने देगी.
‘गहरी साजिश रच रहे बीजेपी-कांग्रेस और अकाली दल’
सोमवार को AAP मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि पंजाब में भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मिलकर एक गहरी साजिश रच रहे हैं. पंजाब में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार जो मुहिम चला रही है, उसे कैसे बदनाम किया जाए, कैसे कमजोर किया जाए, कैसे रोका जाए और पंजाब नशे के लिए पूरी दुनिया में कैसे बदनाम हो, इसकी पूरी साजिश रची जा रही है।
राज्यसभा सांसद ने बताया कि इस साजिश के तीन पात्र हैं, जग्गा सिंह, मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह. कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल बिना सच जाने और बिना कुछ पड़ताल किए इन लोगों का सहारा लेकर और इनके पीछे खड़े होकर आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ ऊटपटांग बयान दे रहे हैं और अभियान चला रहे हैं।
जग्गा सिंह के खिलाफ 9 मुकदमे… बोले- संजय सिंह
उन्होंने बताया कि जिस जग्गा सिंह को भाजपा और कांग्रेस एक क्रांतिकारी के रूप में प्रस्तुत कर रही हैं और कह रही हैं कि वह नशे के खिलाफ मुहिम चला रहा था जिससे मजबूर होकर उसने जहर खा लिया, उस जग्गा सिंह के खिलाफ 9 मुकदमे दर्ज हैं.
इन 9 में से चार मुकदमों में वह दोषी करार दिया जा चुका है और उस पर रेप, अपहरण और नशे की तस्करी के मामले भी दर्ज हैं. दो ग्राम पंचायतों ने बाकायदा नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था जिससे इसका धंधा नहीं चल पा रहा था क्योंकि यह खुद नशे के धंधे में शामिल रहा है. कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल इसे क्रांतिकारी बताकर प्रचारित कर रहे हैं कि सरकार इसका उत्पीड़न कर रही है.
आप नेता ने कहा कि दूसरा व्यक्ति मोहनजीत सिंह है, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान को काला झंडा दिखाया था. कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पूरी मुहिम चला रहे हैं कि काला झंडा दिखाने मात्र से इस नशे के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा को बुरी तरह पीटा गया, जबकि हकीकत यह है कि मोहनजीत सिंह के ऊपर 8 FIR दर्ज हैं.
‘…तीसरा नाम गुलजार का है’
उन्होंने ने बताया कि तीसरा नाम गुलजार का है, जिसके बारे में कहा गया कि उसने मंत्री हरपाल सिंह चीमा की वजह से अपनी जान दे दी. हकीकत यह है कि पंजाब में विपक्ष की पार्टियों ने गुलजार से तब तक वीडियो बनवाया और उसे गाड़ी में लेकर घूमते रहे, जब तक उसने आम आदमी पार्टी के खिलाफ बयान नहीं दे दिया. गुलजार ने पहले जो वीडियो बनाया, उसमें उसने हरपाल सिंह चीमा या आम आदमी पार्टी का कोई नाम नहीं लिया था, लेकिन बाद वाले वीडियो में उसने हरपाल सिंह चीमा का नाम लिया. इसका मतलब है कि विपक्षी पार्टियों ने दबाव बनाकर उसका इस्तेमाल किया, जिसके कारण उसकी यह हालत हुई।
घिनौनी सियासत नहीं करने की सलाह
संजय सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल से कहना चाहता हूं कि ऐसी घिनौनी सियासत मत करिए और बेबुनियाद झूठा आरोप लगाकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश मत करिए। नशे के खिलाफ आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी प्रतिबद्धता से अभियान चला रही है और नशा खत्म कर रही है. मैं अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के शासन को भी जानता हूं, जब ड्रग्स के माफियाओं का रिश्ता अकाली दल और भाजपा के नेताओं के साथ था. अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के लोगों ने मिलकर पंजाब में नशे का कारोबार किया और गांव-गांव में नशा पहुंचाने का पाप किया।
