मंडी में आईआईटी रोपड़ के प्रोफैसरों ने बताई भूकंपरोधी भवन निर्माण की तकनीकें

by

पुराने भवनों को भूकंप से सुरक्षित करने के लिए भूकंप रेट्रोफिटिंग की भी दी जानकारी

डीडीएमए मंडी ने किया था आईआईटी रोपड़ के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन

उपायुक्त ने की कार्यशाला की अध्यक्षता बोले …. मंडी में 26 सरकारी भवनों का करवाया जा रहा है भूकंप रेट्रोफिटिंग (पुनरोद्वार) मूल्यांकन

मंडी, 16 अगस्त। आईआईटी रोपड़ के सिविल इंजनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफैसर डॉ मितेश सुराना और डॉ आदित्य सिंह राजपुत ने सेन्टर फॉर एजुकेशन ऑन वर्नाकुलर ऑरकिटेक्चर कार्यक्रम के अर्न्तगत डीआरडीए हॉल मंडी में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में सुरक्षित भवन निर्माण और भवनों को भूकंप रेट्रोफिटिंग मूल्यांकन की तकनीकों बारे जानकारी दी। कार्यशाला का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी द्वारा आईआईटी रोपड़ के सहयोग से डीआरडीए हॉल मंडी में किया गया था।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बताया कि मंडी जिला में 26 सरकारी भवनों को भूकंप से सुरक्षित करने के लिए उनका भूकंप रेट्रोफिटिंग (पुनरोद्वार) मूल्यांकन करवाया जा रहा है। रेट्रोफिटिंग के उपरांत यह भवन भूकंप आने पर भी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी द्वारा भवन निर्माण में लगे कारीगरों को भूकंपरोधी निर्माण करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यशाला में लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, नगर नियोजन, नगर निगम, नगर पंचायत और खण्ड विकास कार्यालयों में कार्यरत इंजीनियरों ने भाग लिया।
आईआईटी रोपड़ के सहायक प्रोफेसर डॉ मितेश सुराना और डॉ आदित्य सिंह राजपुत ने बताया कि भूकंप से लोगों की जान नहीं जाती है बल्कि भवनों के गिरने से जाती है। इसलिए हमें भूकंपरोधी भवन निर्माण करना चाहिए। भूकंपरोधी मकान बनाने का खर्च भवन की कुल लागत का केवल 5 से 10 प्रतिशत होता है। उन्होंने मंडी जिला में ढलानदार भूमि होने के कारण सुरक्षित भवन निर्माण के लिए भूमि के तल को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया भवन निर्माण के लिए सबसे पहले पत्थरोें की चिनाई करें और बाद में पहाड़ी से पीछे हटकर निर्माण करें।
उन्होंने निर्मित भवनों को भूकंपरोधी बनाने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में परपरागत शैली काठकुन्नी शैली के मकान भूकंप की दृष्टि से मजबूत हैं। इसलिए संभव हो तो परंपरागत शैली से निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण मिस्त्री की सलाह पर नहीं बल्कि इंजीनियर की सलाह पर करना चाहिए।
कार्यशाला में एडीएम डॉ मदन कुमार ने भी बहुमूल्य सुझाव दिए। आईआईटी रोपड़ के शोधार्थी बिपुल शर्मा और क्षितिज चाहल कार्यशाला में उपस्थित रहे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

महिला कोच के साथ अश्लील वीडियो से हिला खेल जगत! इंटरनेशनल खिलाड़ी के साथ गहरी साजिश?

वाराणसी के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी और लक्ष्मण अवार्ड से सम्मानित सूरज यादव गंभीर विवाद में फंस गए हैं। मध्य प्रदेश की जबलपुर जिला अदालत ने एक महिला कोच के पति द्वारा लगाए...
article-image
पंजाब , समाचार

गांव मैहिंदवानी में खुले शराब के ठेके को लेकर लोगो ने इकत्र होकर किया रोष व्यक्त : पंचायत ने कहा गांव का जर्नल अजलास बुलाकर ठेके को लेकर बनाई जाएगी अगली रणनीती

गढ़शंकर : गांव मैहिंदवानी में हिमाचल प्रदेश की सीमा में खुले शराब के ठेके के विरोध में आज गांव मैहिंदवानी के काफी संख्यां में लोग इकत्र हो गए। जिसके बाद पंजाब व हिमाचल प्रदेश...
article-image
पंजाब

तरनतारन में सरकार की ईमानदार और जनहितैषि नीतियों की हुई जीतः संदीप सैनी

होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा : तरनतारन में आम आदमी पार्टी की जीत उसकी ईमनानदार और जनहिथौषि नीतियों पर काम कर रही सरकार की जीत है। जिसके लिए तरनतारन की जनता के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ठोडो मैदान में आयोजित ज़िला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रीय ध्वज फहराया : भावी पीढ़ियों को समृद्ध, सुरक्षित और विकसित हिमाचल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार सतत् प्रत्यनशील-विक्रमादित्य सिंह

 सोलन : लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में ज़िला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर हिमाचल का निर्माण करने...
Translate »
error: Content is protected !!