5 करोड़ रुपये की कथित मांग के आरोपों पर बढ़ा विवाद
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों से उनके खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों को लेकर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में माफी नहीं मांगी गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा विवाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। रणजीत सिंह ने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने कथित तौर पर एक रेप मामले में आरोपी बताए गए गुर चहल को राहत दिलाने और एक कारोबारी के खिलाफ दर्ज मामला रद्द करवाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की थी।
हालांकि, डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इससे पहले भी कानूनी नोटिस के जरिए पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह से अपने कथित बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी।
मजीठिया ने साझा किया था कथित ऑडियो-वीडियो
2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो साझा किया था। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के एक रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत हुई है।
मजीठिया ने यह भी दावा किया कि कथित बातचीत में पटियाला जेल में आरोपी को सुविधाएं उपलब्ध कराने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से संबंधित बातें भी सामने आती हैं। हालांकि, इन दावों और कथित ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
खैहरा ने नोटिस का जवाब देने से किया इनकार
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि उन्हें डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से कानूनी नोटिस मिला है। खैहरा ने कहा कि वह इस नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे। उन्होंने डॉ. गुरप्रीत कौर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करना है तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
खैहरा ने फेसबुक लाइव के दौरान कानूनी नोटिस की प्रति भी फाड़ दी। उन्होंने सरकार और पंजाब पुलिस से कथित 5 करोड़ रुपये की मांग से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
पहले रिटायर्ड जस्टिस को भी भेजा था नोटिस
डॉ. गुरप्रीत कौर ने 23 अगस्त को सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह को भी कानूनी नोटिस भेजा था। इसमें 5 करोड़ रुपये की कथित मांग से जुड़े आरोपों को गलत बताते हुए उनसे अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई थी।
इस मामले में लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा संज्ञान लिए जाने की बात भी सामने आई थी। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी।
फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
