चंडीगढ़: बीजेपी ने गुरुवार को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट में कई सीनियर नेताओं को दरकिनार करते हुए संगठन में लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं के नाम हैं।
बीजेपी द्वारा जारी लिस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि दो केंद्रीय मंत्रियों को टिकट नहीं दिया गया है। जिसके बाद माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है।
बीजेपी ने अपनी लिस्ट में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को टिकट नहीं दिया है। दोनों नेता राज्यसभा से सासंद हैं और इनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है।
केरल से आते हैं जॉर्ज कुरियन : जॉर्ज कुरियन पीएम मोदी की सरकार में एकमात्र ईसाई मंत्री हैं। अभी वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। जॉर्ज कुरियन ने हाल ही में केरलम विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट से उनकी विदाई हो सकती है।
जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मत्स्य पालन, पशुपालन, दुधारू पालन और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री हैं। माना जा रहा है कि केरल में पार्टी को मजबूत करने के लिए कुरियन को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पंजाब चुनाव से पहले बिट्टू को भी नहीं मिला टिकट
पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने हैं। पार्टियां विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इसी बीच बीजेपी ने रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया है। बिट्टू का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। बिट्टू अभी पंजाब के बड़े नेता हैं। कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने के बाद बिट्टू को राजस्थान से राज्यसभा भेजा गया था लेकिन उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया है।
- बीजेपी ने दो मंत्रियों को नहीं दिया टिकट
- 21 जून को पूरा हो रहा है दोनों का कार्यकाल
- पंजाब में बीजेपी का चेहरा बन सकते हैं बिट्टू
- जॉर्ज कुरियन को मध्य प्रदेश से भेजा गया था राज्यसभा
विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं : रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बिट्टू लोकसभा के सांसद भी रह सकते हैं। हाल ही में बीजेपी ने पंजाब में अध्यक्ष भी बदला है। रवनीत बिट्टू की अभी रेल राज्य मंत्री हैं।
6 महीने तक रह सकते हैं मंत्री : जॉर्ड कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी दोनों नेता नियम के अनुसार 6 महीने तक मंत्री रह सकते हैं। उसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।
