मोहाली में कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बल प्रयोग, लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

by

मोहाली। पंजाब में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को चंडीगढ़ स्थित पंजाब गवर्नर हाउस की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।

कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से 15 अगस्त को पंजाब गवर्नर हाउस के घेराव का ऐलान किया गया था। इसके मद्देनजर शनिवार को मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारी जब चंडीगढ़ की ओर कूच करने लगे तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।

बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश, पुलिस से झड़प

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक नारेबाजी, धक्का-मुक्की और पुलिस के साथ बहस होती रही। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। वहीं, कुछ पुलिस कर्मचारियों के भी घायल होने की बात सामने आई है।

बंदी सिंहों की रिहाई की मांग

कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों यानी बंदी सिंहों की रिहाई की मांग कर रहा है। मोर्चे के समर्थकों का कहना है कि कई कैदी अपनी सजा पूरी होने के बावजूद लंबे समय से जेलों में बंद हैं। इसी मांग को लेकर मोर्चा लंबे समय से प्रदर्शन करता रहा है।

बॉर्डर पर पहले से बढ़ाई गई थी सुरक्षा

प्रदर्शनकारियों के बड़ी संख्या में चंडीगढ़ पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा और शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पंजाब से चंडीगढ़ आने वाले वाहनों की जांच की जा रही थी।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और गवर्नर हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना थी।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला

कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने आशंका जताई थी कि मोर्चे के समर्थक बड़ी संख्या में चंडीगढ़ पहुंचकर गवर्नर हाउस का घेराव कर सकते हैं।

याचिका में कहा गया था कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही सड़कों पर जाम लगने और आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में बाधा की आशंका भी जताई गई थी। स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई थी।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

वैष्णो देवी भूस्खलन: मौतों की संख्या बढ़कर हुई 33, कई पुल क्षतिग्रस्त, ट्रेनें रद्द… प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

जम्मू : वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ितों की मदद...
article-image
पंजाब

ग्रामीण भारत में विटामिन डी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए हुई साझेदारी

रोहित राणा ।  होशियारपुर : ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने प्रयासों में कार्यरत सर्च फाउंडेशन ने विटोनिक्स यूके के साथ साझेदारी का एलान किया है। इस पहल के अंतर्गत पहले चरण में विटोनिक्स यूके...
Translate »
error: Content is protected !!