यूपी और महाराष्‍ट्र की तर्ज पर दिल्‍ली में भी भाजपा बना सकती है दो डिप्‍टी सीएम

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दिल्ली में सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदर चर्चाओं के बीच, पार्टी नए मंत्रिमंडल में दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर विचार कर रही है। बुधवार को पार्टी नेताओं ने बताया कि यह रणनीति दिल्ली को भारत का एक छोटा रूप दर्शाने का लक्ष्य रखती है। दो उपमुख्यमंत्रियों को शामिल करने से विभिन्न जातियों, समुदायों और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के विधायकों का प्रतिनिधित्व होगा।
बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र और राजस्थान जैसे अन्य भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जा चुका है। राष्ट्रीय नेतृत्व वर्तमान में इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, साथ ही मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री पदों के लिए नियुक्तियों को अंतिम रूप दे रहा है। इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सप्ताहांत में विदेश यात्रा से लौटने के बाद।
भाजपा विधायक दल की रविवार को बैठक होने की उम्मीद है, जिसमें सदन के नेता का चुनाव होगा, जो बाद में दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। भाजपा मुख्यालय में हाल ही में एक संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की प्रतीकात्मक स्थिति को मिनी इंडिया के रूप में दर्शाया, जो दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी की निर्णायक जीत के बाद है।
दिल्ली के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने सरकार के भीतर विभिन्न सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। इन समूहों में पंजाबी, सिख, पूर्वांचल, उत्तराखंडी, वैश्य और जाट शामिल हैं। प्रस्तावित उपमुख्यमंत्री भूमिकाओं को इस प्रतिनिधित्व को सुविधाजनक बनाने का एक साधन माना जा रहा है।
संभावित उम्मीदवार
मुख्यमंत्री पद के लिए कई भाजपा विधायकों पर विचार किया जा रहा है। दावेदारों में परवेश वर्मा शामिल हैं, जिन्होंने नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को हराया, पूर्व दिल्ली भाजपा प्रमुख विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्या, और वरिष्ठ नेता जैसे मनजिंदर सिंह सिरसा, पवन शर्मा, आशीष सूद, रेखा गुप्ता और शिखा राय। कर्णैल सिंह और राज कुमार भाटिया जैसे नवनिर्वाचित विधायकों को भी संभावित उम्मीदवारों के रूप में बताया जा रहा है।
अगर मुख्यमंत्री का चयन किसी एक समुदाय से किया जाता है, तो उपमुख्यमंत्री पदों का उपयोग उन अन्य समुदायों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए किया जा सकता है जिन्होंने भाजपा की चुनावी सफलता में योगदान दिया। इन समुदायों में महिलाएं, सिख, जाट और बनिया शामिल हैं।
भविष्य की शासन योजनाएं
रोहिणी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली में भाजपा सरकार जल्द ही छठा दिल्ली वित्त आयोग स्थापित करेगी, जो चार साल से लंबित है। गुप्ता ने कहा कि इस देरी के कारण दिल्ली के नगर निगमों की वित्तीय स्थिति खराब हो गई है।
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