मॉडिफाइड बाइक और फर्जी नंबर प्लेट वालों की शामत।
पुनीत महाजन: चंडीगढ़ / जयपुर । सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पहले ही दिन हजारों वाहनों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान में उन वाहनों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जा रहा है जो नियमों के विपरीत मॉडिफिकेशन, अवैध नंबर प्लेट, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न तथा अनधिकृत लाल-नीली बत्तियों का उपयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गंभीर उल्लंघन मिलने पर वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।यातायात विभाग के अनुसार पहले दिन प्रदेशभर में करीब 4,869 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
सबसे अधिक मामले काली फिल्म लगे वाहनों के सामने आए, जबकि बड़ी संख्या में फर्जी अथवा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले वाहन भी पकड़े गए। इसके अलावा मॉडिफाइड साइलेंसर, अवैध बॉडी परिवर्तन, जाति-धर्म अथवा पदनाम दर्शाने वाले स्टिकर और हूटर-फ्लैशर लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वाहन की मूल संरचना, चेसिस, साइलेंसर या अन्य तकनीकी विनिर्देशों में बिना अनुमति बदलाव करना कानून का उल्लंघन है। विशेष रूप से तेज आवाज करने वाले साइलेंसर और एयर हॉर्न सड़क सुरक्षा के लिए खतरा माने जा रहे हैं। ऐसे मामलों में मौके पर ही वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर केवल अधिकृत श्रेणी के वाहनों को ही अनुमति प्राप्त है। निजी वाहनों में इनका उपयोग पाए जाने पर न केवल उपकरण जब्त किए जाएंगे बल्कि संबंधित चालक के ड्राइविंग लाइसेंस पर भी कार्रवाई होगी।
अभियान के दौरान हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) की भी जांच की जा रही है। अस्पष्ट, फर्जी या छिपाई गई नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और परिवहन विभाग का मानना है कि ऐसी व्यवस्था अपराध नियंत्रण और वाहन पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान पूरे जून माह तक जारी रहेगा। सभी जिलों को नियमित नाकेबंदी, गश्त और प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और नियमों का पालन सुनिश्चित हो
