चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाकर नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने पर हाईकमान स्तर पर फैसला हो सकता है। सूत्रों का दावा है कि अगले 48 घंटों में इस संबंध में घोषणा संभव है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस हाईकमान ने जुलाई में ही वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा था। उसी समय चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन और प्रताप सिंह बाजवा को CLP नेता बनाए रखने का फैसला हुआ था।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल
सितंबर की शुरुआत में सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में बदलाव की अटकलें तेज हुई थीं। पायलट ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ संगठन के विभिन्न स्तरों पर बातचीत की है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 50 से अधिक नेताओं एवं पदाधिकारियों से चर्चा कर संगठन की स्थिति का फीडबैक लिया है।
पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर असहमति और संगठनात्मक खींचतान पहले भी सामने आती रही है। हालांकि पायलट ने हाल में कहा था कि पंजाब कांग्रेस एकजुट है और पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विजय इंदर सिंगला का नाम चर्चा में
सूत्रों के अनुसार नए PCC अध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है। इनमें विजय इंदर सिंगला, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, परगत सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया समेत अन्य नेताओं के नाम सामने आए हैं। इनमें विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से चर्चा में बताया जा रहा है।
सिंगला फिलहाल कांग्रेस की Election Management and Coordination Committee के अध्यक्ष हैं। जुलाई में कांग्रेस ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी, जबकि रंधावा को Core Committee का अध्यक्ष बनाया गया था।
जुलाई में वड़िंग को ही बरकरार रखा था
गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने जुलाई में पंजाब संगठन की चुनावी टीम घोषित करते हुए वड़िंग को PCC अध्यक्ष पद पर बनाए रखा था। उस समय नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने चन्नी को कैंपेन कमेटी और बाजवा को CLP की जिम्मेदारी दी थी।
इसके बाद सितंबर में भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया। पायलट की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव की संभावना फिर चर्चा में आई।
क्या कांग्रेस बिना CM चेहरे के चुनाव लड़ेगी?
पार्टी के भीतर नेतृत्व संरचना को लेकर चर्चा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस किस तरह प्रदेश संगठन और चुनावी नेतृत्व का संतुलन बनाती है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी आधिकारिक रूप से यह घोषित नहीं किया गया है कि वड़िंग को हटाया जा रहा है या विजय इंदर सिंगला को नया PCC अध्यक्ष बनाया जा रहा है। इसलिए फिलहाल इन नामों को पार्टी सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों में चल रही संभावित कवायद के रूप में ही देखा जा रहा है।
48 घंटे पर टिकी निगाहें
30 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक हाईकमान स्तर पर पंजाब संगठन में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और अगले दो दिनों में फैसला सामने आ सकता है।
जुलाई में वड़िंग को बरकरार रखने के बाद अब यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है तो यह कांग्रेस की पंजाब इकाई में कुछ ही महीनों के भीतर दूसरा बड़ा संगठनात्मक बदलाव होगा। अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
