एएम नाथ। शिमला : आवास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने आज हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही तथा प्रस्तावित सभी विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परियोजना कार्य में पूर्ण पारदर्शिता, दक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
श्री धर्माणी आज यहां हिमुडा निदेशक मंडल की 59वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में हिमुडा द्वारा संचालित विभिन्न आवास एवं आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण आवास और बेहतर शहरी सुविधाओं का लाभ जल्द सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हिमुडा की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया का पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को कारोबार में सुगमता बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नागरिक हितैषी व्यवस्था अपनाने तथा लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप किफायती आवास विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
बैठक में 251 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट अनुमान को मंजूरी दी गई। इसमें भविष्य की आवास एवं शहरी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि खरीद के लिए 52 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि सुनियोजित भूमि अधिग्रहण से आने वाले वर्षों में हिमुडा की योजनाबद्ध विकास परियोजनाओं को और मजबूती मिलेगी।
निदेशक मंडल ने ऊना जिले के रक्कड़ फेज-4 स्थित हिमुडा कॉलोनी के लिए एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट) नीति को भी मंजूरी प्रदान की। इससे पात्र आवंटियों को राहत मिलेगी तथा लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
बैठक में अवगत करवाया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 117 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले हिमुडा ने 200 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जो प्राधिकरण की बेहतर वित्तीय स्थिति और कार्य कुशलता को दर्शाता है।
संस्थान की कार्यक्षमता को और मजबूत बनाने के लिए निदेशक मंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के नियमों के अनुरूप ठेकेदार पंजीकरण नियमों में संशोधन को मंजूरी दी। इसके अलावा, शिमला में निगम विहार स्थित हिमुडा मुख्यालय को आधुनिक कॉर्पोरेट स्वरूप प्रदान करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई, जिससे कार्यालय का कार्य वातावरण बेहतर होगा और आम लोगों को सेवाएं अधिक प्रभावी एवं सुगमता से उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेन्द्र वशिष्ठ ने बैठक में प्राधिकरण की उपलब्धियों, विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
सचिव आवास अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छाजटा, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन तथा निदेशक मंडल के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य जितेन्द्र चंदेल, प्रदीप सूर्य और अभियंता राजेश बनियाल भी बैठक में उपस्थित थे।
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