हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अयोध्या पहुँचकर भगवान श्री राम के दर्शन कर की प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अयोध्या पहुँचकर भगवान श्री राम के दर्शन किए और मंदिर में शीश नवाया। इस पावन अवसर पर उन्होंने समस्त देशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अयोध्या में निर्मित भगवान श्री राम मंदिर न केवल पौराणिक और सांस्कृतिक आस्था का मुख्य केंद्र है, बल्कि यह भारतीय वास्तुकला की नागर शैली का एक अद्भुत उदाहरण भी है। यह मंदिर अपनी भव्यता, पारंपरिक निर्माण तकनीक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है, जो उत्तर भारत की वास्तुकला की विशेषता है। यह तीन मंजिला मंदिर है, जो लगभग 380 फीट लंबा, 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा है। मंदिर के निर्माण में मुख्य रूप से राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के गुलाबी बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट का उपयोग किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लोहे या स्टील का उपयोग बिल्कुल नहीं किया गया है। मुख्य गर्भ गृह में प्रभु श्री राम के बाल रूप (रामलला) की मूर्ति स्थापित है। इसके चारों कोनों पर सूर्यदेव, माता भगवती, गणपति और भगवान शिव के मंदिर प्रस्तावित हैं।
पठानिया ने कहा कि यह मंदिर भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर स्थित है, जो करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था का प्रतीक है।
यह मंदिर न केवल एक पवित्र स्थान है, बल्कि भारत की प्राचीन परंपरा और आधुनिक निर्माण कौशल का अनूठा संगम है। हमारा देश सांस्कृतिक राष्ट्रवाद तथा धार्मिक राष्ट्रवाद का प्रतीक है जहाँ सभी धर्मों का सम्मान होता है। इस देश में लोग विविधता होने के बावजूद भी एकता के साथ रहते हैं।
