‘आओ मिलकर हाथ मिलाओ, मतभेद भुलाओ और रामपुर को जिला बनाओ’ के नारे के साथ अभियान चलाने पर जोर
एएम नाथ। रामपुर बुशहर : हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर आयोग बनाए जाने के बाद रामपुर को जिला बनाने की मांग ने फिर जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। एचपीएमसी के निदेशक एवं सराहन वार्ड के पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेश धीमान ने सभी राजनीतिक दलों और क्षेत्रवासियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मांग के समर्थन में एकजुट होने की अपील की है।
रामपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में भूपेश धीमान ने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए रामपुर को जिला बनाने की मांग को मजबूती से उठाना जरूरी है। उन्होंने ‘आओ मिलकर हाथ मिलाओ, मतभेद भुलाओ और रामपुर को जिला बनाओ’ के संकल्प के साथ जन अभियान चलाने का आह्वान किया।
2016 से उठ रही रामपुर को जिला बनाने की मांग
भूपेश धीमान ने कहा कि रामपुर को जिला बनाने की मांग वर्ष 2016 से उठाई जा रही है। प्रदेश सरकार ने नए जिलों के गठन सहित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए आयोग गठित किया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों को अपनी मांग तथ्यों के साथ सरकार के समक्ष रखनी चाहिए, ताकि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार हो सके।
भौगोलिक स्थिति के लिहाज से रामपुर उपयुक्त
उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति के कारण रामपुर आसपास के कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। इसका संपर्क शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के विभिन्न इलाकों से है। आउटर सिराज, आनी, करसोग और किन्नौर के निचले क्षेत्रों के लोगों के लिए भी रामपुर महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय दूर होने के कारण लोगों को सरकारी कामकाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। रामपुर को जिला बनाने से प्रशासनिक सेवाएं लोगों के नजदीक पहुंच सकती हैं और उन्हें आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।
सर्दियों में चार महीने तक प्रभावित रहता है संपर्क
भूपेश धीमान के अनुसार, सर्दियों में आउटर सिराज के कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग चार महीने तक प्रभावित रहता है। ऐसे में लोगों को सरकारी कार्यों के लिए आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रामपुर को जिला बनाने से प्रशासनिक सुविधाओं की पहुंच आसान हो सकती है तथा लोगों के समय और धन की बचत होगी। इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
विधायक के नेतृत्व में उठाई जाएगी मांग
उन्होंने कहा कि रामपुर को जिला बनाने की मांग को विधायक के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए दूसरे क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी और जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है।
वित्तीय स्थिति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस विषय के अध्ययन के लिए आयोग गठित किया है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को अपने तर्क और मांग प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखने चाहिए।
पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर ग्राम पंचायत मशनू के प्रधान योगेश चौहान, पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रताप गुप्ता, प्रधान रचना भंडारी तथा ऑटो यूनियन रामपुर के प्रधान कालीचरण और बिट्टू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
